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जीत का जश्न

F
Funtel
22 Mar 2026

(00:00) [INTRO MUSIC: सस्पेंस और ड्रामा से भरा भारी संगीत। ड्रम्स की आवाज़ के साथ वायलन का तेज़ बजना।]

Narrator (गहरी आवाज़): राजनीति... यानी शतरंज का वो खेल जहाँ प्यादा कब वज़ीर बन जाए और कब राजा को ही मात दे दे, कोई नहीं जानता। यहाँ वफादारी... सिर्फ एक शब्द है, जो भाषणों में अच्छा लगता है, हकीकत में नहीं। यह कहानी है एक रानी की, जिसे लगता है कि तख़्त उसका है... और उस 'किंगमेकर' की, जिसने उसे उस तख़्त पर बैठाया।

(MUSIC SWELLS AND CUTS ABRUPTLY - संगीत एकदम से रुकता है)


(00:50) [SCENE 1: विजय रैली] (SFX: हज़ारों लोगों की भीड़ का शोर। "सारा मैडम ज़िंदाबाद!" के नारे। पटाखों की तेज़ आवाज़। न्यूज़ रिपोर्टर्स की चिल्लाने की आवाज़।]

News Anchor (उत्साह में): ब्रेकिंग न्यूज़! प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी जीत! पीपुल्स पार्टी ने क्लीन स्वीप कर दिया है। और इस जीत की हीरो हैं... सारा शेरगिल! देखिए, कैसे पूरा शहर उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ा है!

(SFX: माइक पर उंगली से थपथपाने की आवाज़ (Tap-Tap)। फीडबैक की हल्की सी आवाज़। भीड़ का शोर थोड़ा कम होता है।]

Sara (माइक पर - गूँजती हुई, दमदार और जोशीली आवाज़): (गहरी सांस लेते हुए) यह जीत... मेरी नहीं है! यह जीत... आप सब की है! आपने साबित कर दिया कि अब इस प्रदेश को गुंडों की नहीं... एक बेटी की ज़रूरत है! मैंने वादा किया था बदलाव का... और आज... वो बदलाव आ गया है!

(SFX: भीड़ का ज़बरदस्त शोर। तालियाँ और सीटी।)

Dhruv (Internal Monologue - मन की आवाज़, शांत और गंभीर): (हल्की हंसी) चिल्लाओ... और ज़ोर से चिल्लाओ। इन्हें लगता है ये जीत इनकी है। इन्हें लगता है सारा ने कोई जादू किया है। लेकिन ये भीड़, ये नारे, ये कुर्सियां... ये सब मैंने डिज़ाइन किया है। सारा सिर्फ चेहरा है... दिमाग मैं हूँ। मैं... ध्रुव।

(SFX: आतिशबाजी का एक बहुत तेज़ धमाका। ट्रांज़िशन।)


(02:30) [SCENE 2: लक्ज़री कार के अंदर] (SFX: कार का दरवाज़ा भारी आवाज़ के साथ बंद होता है (Thud)। बाहर का शोर एकदम मद्धम (Muffled) हो जाता है। अंदर सन्नाटा है। AC की हल्की हमिंग साउन्ड।)

Dhruv: (नॉर्मल टोन में) कांग्रेचुलेशन, मैडम चीफ मिनिस्टर।

Sara: (राहत की सांस लेते हुए) उफ्फ! थैंक्स ध्रुव। माय गॉड, कितनी भीड़ थी वहाँ। मुझे लगा मेरा दम ही घुट जाएगा।

Dhruv: आदत डाल लो सारा। अब अगले 5 साल तक ये भीड़ तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेगी। वैसे, मैंने कहा था ना? 180 प्लस सीटें आएँगी। मेरी कैलकुलेशन कभी गलत नहीं होती।

Sara: (हल्का सा एटीट्यूड) हम्म। तुम्हारी कैलकुलेशन सही थी, ध्रुव। लेकिन... कनेक्ट मेरा था। तुमने देखा? जब मैंने वो "बेटी" वाली लाइन बोली, औरतें कैसे इमोशनल हो गईं? वो स्क्रिप्ट में नहीं था, वो मेरा इम्प्रोवाइज़ेशन (Improvisation) था।

Dhruv: (थोड़ा हैरान) हाँ... वो अच्छा था। लेकिन रिस्की भी था। अगर मीडिया उसे ड्रामा समझ लेती तो...

Sara: (बात काटते हुए) तो क्या? जीत गए ना? और पॉलिटिक्स में जो जीतता है, वही सही होता है। है ना, मिस्टर स्ट्रैटेजिस्ट?

Dhruv (Internal Monologue): इसकी आवाज़ में ये बदलाव... ये आज से पहले कभी नहीं था। जीत का नशा? या कुछ और?

(SFX: सारा का फ़ोन बजता है।)

Sara: (फ़ोन उठाते हुए, आवाज़ मीठी हो जाती है) हाँ त्रिवेदी जी! जी... जी बिलकुल! अरे नहीं-नहीं, मैं बस पहुँच रही हूँ पार्टी ऑफिस। (हंसते हुए) अरे आप भी ना... ठीक है, मिलते हैं।

(SFX: फ़ोन कटने की आवाज़।)

Dhruv: त्रिवेदी? वो पुराना लोमड़ी? उसने तो इलेक्शन में हमारे खिलाफ साज़िश की थी। तुम उससे बात क्यों कर रही हो?

Sara: (लापरवाही से) रिलैक्स ध्रुव। अब वो हमारे साथ है। उसने 10 विधायकों का सपोर्ट ऑफर किया है। राजनीति में कोई परमानेंट दुश्मन नहीं होता, ये तुमने ही सिखाया था ना?

Dhruv: हाँ, लेकिन त्रिवेदी भरोसे के लायक नहीं है। उसे पार्टी ऑफिस मत बुलाना।

Sara: (ठंडी आवाज़ में) मैंने उसे बुला लिया है। और वो आ रहा है।

(SFX: सस्पेंस वाला म्यूजिक हल्का सा बजता है।)

Dhruv: (सीरियस) क्या? मुझसे पूछे बिना? सारा, कैबिनेट और पार्टी के फैसले हम मिल कर लेते हैं। ये हमारा एग्रीमेंट था।

Sara: एग्रीमेंट इलेक्शन जीतने तक था ध्रुव। अब सरकार चलानी है... और सीएम मैं हूँ। ड्राईवर, गाड़ी तेज़ करो।

(SFX: गाड़ी एक्सीलरेट होती है।)


(05:15) [SCENE 3: पार्टी ऑफिस / सेलिब्रेशन हॉल] (SFX: शैम्पेन की बोतल खुलने की आवाज़ (Pop)। लोगों के हंसने और बात करने की आवाज़ें। ग्लासेस टकराने की आवाज़ें (Clink)।)

Trivedi: (चापलूसी भरी आवाज़) अरे आइए! आइए हमारी लौह महिला (Iron Lady)! सारा जी, आपने तो कमाल कर दिया! विपक्ष की बोलती बंद कर दी!

Sara: शुक्रिया त्रिवेदी जी।

Dhruv: (रुखेपन से) त्रिवेदी जी, मुझे नहीं लगा था आप यहाँ दिखने की हिम्मत भी करेंगे।

Trivedi: (हंसते हुए) अरे ध्रुव बेटा, तुम अभी जवान हो। खून गर्म है। राजनीति में कल की बातें कल छोड़ देनी चाहिए। है ना सारा जी?

Sara: बिलकुल। ध्रुव, त्रिवेदी जी हमारे होम मिनिस्टर (गृह मंत्री) बनने वाले हैं।

(SFX: म्यूजिक एकदम से डरावना (Shocking) हो जाता है। सब चुप हो जाते हैं।)

Dhruv: (हैरानी से) क्या? होम मिनिस्टर? सारा, क्या तुम पागल हो गई हो? ये वो आदमी है जिसने तुम्हारे करैक्टर पर कीचड़ उछाला था! और होम मिनिस्ट्री? वो डिपार्टमेंट मैंने अपने लिए रखा था!

Sara: (सबके सामने ऊँची आवाज़ में) ध्रुव! आवाज़ नीचे। तुम अभी पार्टी के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट से बात नहीं कर रहे हो, तुम स्टेट की चीफ मिनिस्टर से बात कर रहे हो।

(SFX: पिन ड्रॉप साइलेंस।)

Dhruv: (दांत पीसते हुए) सारा, हम अकेले में बात कर सकते हैं?

Sara: जो कहना है यहीं कहो। मेरे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

Dhruv: (गुस्से को दबाते हुए) ठीक है। होम मिनिस्ट्री त्रिवेदी को नहीं मिलेगी। ये मेरा फैसला है। और तुम्हें पता है कि इस सरकार का रिमोट किसके हाथ में है।

Sara: (व्यंग्य से हंसते हुए) रिमोट? तुम्हें लगता है मैं टीवी हूँ? ध्रुव... जागो। सपना पूरा हो चुका है।

(सारा कदम बढ़ाकर ध्रुव के करीब आती है - कपड़े की सरसराहट)

Sara: (फुसफुसाते हुए, लेकिन तीखा) सीढ़ी का काम छत तक पहुँचाना होता है। एक बार छत पर पहुँच गए, तो सीढ़ी को वहीं छोड़ देना चाहिए। उसे कंधे पर उठाकर घूमो... तो बोझ बन जाती है।

Dhruv: (हैरान) मैं... बोझ हूँ? सारा, मैंने तुम्हें बनाया है। I made you!

Sara: तुमने मुझे बनाया नहीं... तुमने मुझे सिर्फ पॉलिश किया है। हीरा मैं खुद थी। और अब... मुझे बैसाखी की ज़रूरत नहीं है। यू आर फायर्ड (You are fired), ध्रुव।

Dhruv: (शॉक में) क्या?

Sara: सुना नहीं तुमने? मेरी पार्टी, मेरी सरकार, मेरे फैसले। तुम जा सकते हो। सिक्योरिटी!

(SFX: बूट्स की आवाज़। सिक्योरिटी गार्ड्स पास आते हैं।)

Trivedi: चलिए ध्रुव जी... इज़्ज़त से बाहर चले जाइये। वरना मज़ा नहीं आएगा।

Dhruv: (गहरी सांस लेता है) ठीक है सारा। बहुत बड़ा घमंड... और बहुत बड़ी गलती। आज तुमने सिर्फ एक दोस्त नहीं खोया... आज तुमने अपनी कुर्सी के पाए (Legs) काट दिए हैं।

Sara: (हंसते हुए) गेट आउट।

(SFX: ध्रुव के तेज़ कदमों की आवाज़ हॉल से बाहर जाते हुए। पीछे पार्टी का म्यूजिक और हंसी दोबारा शुरू हो जाती है।)


(08:00) [SCENE 4: सड़क पर / बारिश] (SFX: तेज़ बारिश की आवाज़। बादलों की गड़गड़ाहट। ध्रुव के भीगने की आवाज़।)

Dhruv (Internal Monologue): (गुस्से और दर्द में) बारिश... आज फिर वही बारिश। जब हम मिले थे, तब भी बारिश थी। जब हमने पार्टी बनाई, तब भी बारिश थी। और आज... जब सब ख़त्म हो गया...

(SFX: फ़ोन निकाल कर नंबर डायल करने की आवाज़।)

Dhruv: (फ़ोन पर) हेलो? त्यागी जी? हाँ, मैं ध्रुव बोल रहा हूँ।.... नहीं, बधाई मत दीजिये। मुझे आपसे मिलना है।... कब? अभी। इसी वक़्त।... ऑफर नहीं, सौदा लेकर आ रहा हूँ। एक सरकार गिराने का सौदा।

(SFX: बिजली कड़कती है (Thunder crack)। सस्पेंस म्यूजिक तेज़ होता है।)

Narrator: जिस हाथ ने ताज पहनाया, अब वही हाथ उस ताज को गिराने के लिए उठ चुका है। क्या कर पाएगा ध्रुव अपनी ही बनाई हुई रानी का शिकार? या सारा कुचल देगी उसे? सुनिए अगले एपिसोड में... "किंगमेकर"।

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