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मेंटल टफ़नेस
निबंध व ज्ञान

मेंटल टफ़नेस

Funtel
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22
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कुछ लोग मुसीबत में टूट जाते हैं और कुछ खड़े रह जाते हैं — फ़र्क़ हालात का नहीं, अंदर की तैयारी का होता है। यह किताब मन की मज़बूती को एक ट्रेनिंग की तरह लेती है, ठीक वैसे जैसे शरीर की फ़िटनेस। बीस अध्यायों में — मज़बूती का असली मतलब, तकलीफ़ और नुक़सान का फ़र्क़, ख़ुद से किए छोटे वादे, असहजता की ट्रेनिंग, डर के साथ काम करना, दबाव में ठंडा रहना, हार के बाद उठना, "ना" कहना, और वो दौर जब कुछ भी दिखता नहीं। हर अध्याय के अंत में एक लाइन का निचोड़ और एक छोटा-सा काम, साथ में 30 दिन का प्लान। रोज़मर्रा की हिंदी में, बिना भाषणबाज़ी के।

#मानसिक मज़बूती #आत्म-विकास #अनुशासन #आत्मविश्वास #डर #दबाव #आदत #हिम्मत #मानसिक स्वास्थ्य #हिंदी किताब #mental toughness #mental fitness #discipline #self improvement #confidence #resilience #hindi ebook
1 FREE
भूमिका : यह किताब किसके लिए है
728 words 20 reads
2 FREE
अध्याय 1 : मज़बूती का मतलब क्या नहीं है
747 words 16 reads
3 FREE
अध्याय 2 : मन भी एक मसल है
808 words 19 reads
4 🔐 Login
अध्याय 3 : आप अभी कहाँ खड़े हैं
747 words 0 reads
5 🔐 Login
अध्याय 4 : तकलीफ़ और नुक़सान में फ़र्क़
706 words 0 reads
6 🔐 Login
अध्याय 5 : शरीर पहले
773 words 0 reads
7 🔐 Login
अध्याय 6 : ख़ुद से किए छोटे वादे
703 words 0 reads
8 🔐 Login
अध्याय 7 : असहजता की ट्रेनिंग
753 words 0 reads
9 🔐 Login
अध्याय 8 : ध्यान भी एक मसल है
747 words 0 reads
10 🔐 Login
अध्याय 9 : डर के साथ काम करना
780 words 0 reads
11 🔐 Login
अध्याय 10 : दबाव में ठंडा रहना
783 words 0 reads
12 🔐 Login
अध्याय 11 : ख़ुद से बात करने का तरीक़ा
856 words 0 reads
13 🔐 Login
अध्याय 12 : हार के बाद उठना
722 words 0 reads
14 🔐 Login
अध्याय 13 : एक और क़दम
760 words 0 reads
15 🔐 Login
अध्याय 14 : जो दिखता नहीं, वो बनता है
757 words 0 reads
16 🔐 Login
अध्याय 15 : जोश नहीं, सिस्टम
728 words 0 reads
17 🔐 Login
अध्याय 16 : "ना" कहना सीखिए
795 words 0 reads
18 🔐 Login
अध्याय 17 : लोग — बोझ भी, सहारा भी
758 words 0 reads
19 🔐 Login
अध्याय 18 : जब कोई नहीं देख रहा
809 words 0 reads
20 🔐 Login
अध्याय 19 : जब सब कुछ बिखर जाए
806 words 0 reads
21 🔐 Login
अध्याय 20 : 30 दिन की ट्रेनिंग
755 words 0 reads
22 🔐 Login
आख़िरी बात : एक छोटी-सी चिट्ठी आपके नाम
582 words 0 reads

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