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दादाजी की आखिरी शर्त

F
Funtel
21 Mar 2026

(SCENE 1: खन्ना हाउस - बड़ा हॉल - मातम का माहौल)

SFX: (हल्की-हल्की रोने की आवाज़ें, उदास शहनाई या वायलिन का बैकग्राउंड म्यूजिक, लोगों की फुसफुसाहट)

सूत्रधार: मुंबई का पॉश इलाका, जुहू। 'खन्ना विला' आज आंसुओं में डूबा हुआ है। खन्ना एंटरप्राइजेज के बानी, श्री दीनानाथ खन्ना अब नहीं रहे। लेकिन कहते हैं न, अमीर घर में मौत पर आंसू कम और वसीयत की चर्चा ज्यादा होती है।

एक पड़ोसन (फुसफुसाते हुए): अरे बेचारी सोनिया! दादाजी ही तो थे उसका सहारा। अब इस अनाथ बच्ची का क्या होगा?

दूसरी पड़ोसन: क्या होगा? वो उसका चाचा राजेश है ना? गिद्ध की तरह नज़र गड़ाए बैठा है जायदाद पर। देख लेना, कल ही कंपनी हड़प लेगा।

SFX: (भारी कदमों की आहट)

राजेश चाचा (बनावटी रोते हुए): ओ पिताजी! आप हमें छोड़कर क्यों चले गए? अब इस नालायक... मेरा मतलब है, इस नाज़ुक विक्की और भोली सोनिया को कौन संभालेगा? (नाक सुड़कने की आवाज़)

सोनिया (कांपती हुई, लेकिन संयमित आवाज़): चाचा जी, प्लीज शांत हो जाइये। वकील साहब आ गए हैं। दादाजी की वसीयत पढ़ी जानी है।

विक्की (मुंह में कुछ खाते हुए): अरे डैड, रिलैक्स करो। वसीयत तो बस फॉर्मेलिटी है। दादाजी ने सब आपके नाम ही किया होगा। आखिर मैं उनका इकलौता पोता हूँ।


(SCENE 2: स्टडी रूम - वसीयतनामा)

SFX: (कागज खुलने की आवाज़ - Rustle, कमरे में सन्नाटा)

मिस्टर गुप्ता (वकील): (गला साफ़ करते हुए) तो... श्री दीनानाथ खन्ना जी ने अपनी वसीयत में साफ़ लिखा है। "मेरी कंपनी, 'खन्ना एंटरप्राइजेज' की कमान उसे मिलेगी जो इस परिवार को आगे ले जाने के लायक होगा।"

राजेश चाचा: देखा? मतलब मैं। मैं ही तो सबसे बड़ा हूँ।

मिस्टर गुप्ता: रुकिए राजेश जी। एक शर्त है। (धीमी और गंभीर आवाज़ में) "कंपनी का 51% शेयर और सीईओ (CEO) की कुर्सी मेरे उस पोते या पोती को मिलेगी... जो मेरे 75वें जन्मदिन, यानी आज से ठीक 7 दिन बाद तक... शादीशुदा होगा।"

SFX: (चौंकाने वाला संगीत - DHU-DHU-DHU)

राजेश चाचा: क्या? शादीशुदा?

सोनिया (हैरान होकर): शादी? लेकिन वकील साहब, मैं तो अभी 24 की हूँ। और मैंने शादी के बारे में सोचा भी नहीं।

मिस्टर गुप्ता: सोनिया बेटा, शर्त यही है। जो पोता या पोती 25 साल का होने से पहले (और 7 दिन के अंदर) शादीशुदा होगा और जिम्मेदारी उठा सकेगा, वारिस वही बनेगा। अगर कोई शादीशुदा नहीं हुआ, तो सारी जायदाद ट्रस्ट को चली जाएगी।

विक्की (हंसते हुए): हा हा! डैड, यह तो हमारे लिए लॉटरी है! मेरी गर्लफ्रेंड पिंकी तो शादी के लिए मरी जा रही है। मैं तो कल ही मंदिर में जाकर शादी कर लूँगा।

राजेश चाचा (खुश होकर): शाबाश मेरे शेर! तू कल शादी कर ले। फिर कंपनी हमारी! (सोनिया की तरफ मुड़कर, ताने के साथ) और सोनिया बेटा... तुम तो अभी "सच्चे प्यार" का इंतज़ार कर रही हो ना? 7 दिन में दूल्हा कहाँ से लाओगी? अमेज़न से आर्डर करोगे क्या? हा हा हा!

सोनिया: चाचा जी, यह कंपनी दादाजी की मेहनत है। विक्की इसे एक महीने में डुबा देगा। उसे बिज़नेस की ए-बी-सी-डी भी नहीं आती!

विक्की: ओए हेलो! मुझे सीईओ बनने दे, फिर तुझे रिसेप्शनिस्ट की नौकरी दे दूंगा। टेंशन मत ले बहन।

SFX: (चाचा और विक्की हंसते हुए कमरे से निकल जाते हैं। दरवाज़ा बंद होने की आवाज़।)


(SCENE 3: सोनिया का कमरा - हताशा)

SFX: (सोनिया के तेज़ कदमों की आवाज़, वो परेशान है)

सोनिया (खुद से): नहीं... मैं ऐसा नहीं होने दे सकती। दादाजी ने खून-पसीने से यह कंपनी खड़ी की है। अगर विक्की के हाथ में पावर गई, तो वो सब जुए और पार्टियों में उड़ा देगा। मुझे कंपनी बचानी होगी।

सोनिया की दोस्त (नताशा - फोन पर): तो क्या करेगी तू सोनिया? 7 दिन में शादी? यह पागलपन है।

सोनिया: मुझे नहीं पता नताशा। मुझे बस एक दूल्हा चाहिए। कोई भी। बस कागज़ों पर शादी करने के लिए।

नताशा: अरे तो किसी अमीर लड़के को फंसा ले।

सोनिया: नहीं, अमीर लड़के के अपने नखरे होंगे, अपने वकील होंगे। वो मेरी कंपनी हड़पना चाहेगा। मुझे कोई ऐसा चाहिए जो... जो सीधा-सादा हो। गरीब हो। जिसे पैसों की सख्त ज़रूरत हो। मैं उसे पैसे दूंगी, वो मुझसे नाम की शादी करेगा, और एक साल बाद हम अलग हो जाएंगे।

नताशा: तू दिमाग से पैदल हो गई है। ऐसा सीधा लड़का तुझे कहाँ मिलेगा? मुंबई है ये, यहाँ सीधे लोग नहीं मिलते।

सोनिया: मुझे ढूंढना होगा। आज ही।


(SCENE 4: सड़क किनारे एक छोटा कैफ़े - शाम)

SFX: (सड़क का शोर, हॉर्न, चाय के बर्तन खटकने की आवाज़)

सूत्रधार: हताश और परेशान सोनिया अपनी कार लेकर निकल पड़ी। उसका दिमाग सुन्न था। चलते-चलते वो एक छोटे से पुराने कैफ़े के बाहर रुकी। उसे बहुत प्यास लगी थी।

(कैफ़े के अंदर)

मैनेजर (चिल्लाते हुए): अबे ओए! तुझे कितनी बार कहा है ट्रे ढंग से पकड़! (थप्पड़ मारने की आवाज़ - THWACK)

आर्यन (शांत, भारी आवाज़): सॉरी सर। गलती हो गई।

मैनेजर: सॉरी का बच्चा! दो कप तोड़ दिए तूने। तेरे पगार से काटूँगा 500 रुपये। वैसे भी तेरे जैसे सड़क छाप को नौकरी दी, यही मेरा अहसान है। चल, जा के टेबल साफ़ कर!

(सोनिया एक कोने की टेबल पर बैठी यह सब देख रही है।)

सोनिया (मन में): वो लड़का... (आर्यन को देखते हुए)। कपड़े फटे-पुराने हैं। चेहरे पर धूल है। मैनेजर उसे इतनी बुरी तरह डांट रहा है, फिर भी वो चुप है। बेचारा... ज़रूर बहुत मज़बूरी होगी। उसे पैसों की ज़रूरत है।

सूत्रधार: सोनिया जिसे "बेचारा" समझ रही थी, उसे नहीं पता था कि वो लड़का, आर्यन, असल में 'ए.वी. ग्रुप' का मालिक है। वो अपनी नई अधिग्रहीत (Acquired) कॉफी चैन की "सीक्रेट विजिट" पर आया था यह देखने कि कर्मचारी कैसा काम करते हैं। उसने जानबूझकर कपड़े गंदे पहने थे।

सोनिया (आर्यन को आवाज़ देते हुए): एक्सक्यूज़ मी! सुनिए!

आर्यन (मुड़ता है, हाथ में गंदा कपड़ा है): जी मैम? आर्डर?

सोनिया: नहीं। मुझे तुमसे एक काम है।

आर्यन: क्या काम मैम? टेबल साफ़ करनी है?

सोनिया: नहीं। मुझे... (हिचकिचाते हुए) मुझे एक पति चाहिए।

SFX: (बैकग्राउंड शोर एकदम रुक जाता है। सन्नाटा।)

आर्यन: (हैरान होकर, हल्की मुस्कान के साथ) क्या चाहिए?

सोनिया: पति। (जल्दी-जल्दी बोलते हुए) देखो, मुझे पता है यह अजीब लग रहा है। लेकिन मुझे तुम्हारी हालत देखकर लगता है कि तुम्हें पैसों की ज़रूरत है। अगर तुम मुझसे एक साल के लिए 'नकली शादी' (Contract Marriage) करोगे, तो मैं तुम्हें रहने के लिए घर, खाना और हर महीने 50 हज़ार रुपये दूंगी।

आर्यन (मन में): (Voiceover) 50 हज़ार? यह लड़की मुझे 50 हज़ार में खरीदना चाहती है? दिलचस्प! आमतौर पर लड़कियां मेरे पीछे मेरे अरबों रुपयों के लिए आती हैं। यह पहली लड़की है जो मुझे 'गरीब' समझकर डील कर रही है।

आर्यन (मासूम बनकर): 50 हज़ार? सच में मैम? मुझे... मुझे मेरी बीमार माँ के इलाज के लिए पैसे चाहिए। (झूठ बोलते हुए)

सोनिया: ठीक है। इलाज का खर्चा भी मैं दूंगी। बस तुम्हें मेरे घर वालों के सामने एक अच्छा पति बनने का नाटक करना होगा। और हाँ, मेरी प्रॉपर्टी पर तुम्हारा कोई हक़ नहीं होगा। मंज़ूर है?

आर्यन (गहरी आँखों से देखते हुए): मंज़ूर है, मैम।

SFX: (सस्पेंस भरा संगीत, जो धीरे-धीरे एक रोमांचक धुन में बदल जाता है)

सूत्रधार: और इसी के साथ, खन्ना एंटरप्राइजेज की वारिस ने देश के सबसे बड़े अरबपति को 50 हज़ार रुपये महीने पर अपना 'नकली पति' रख लिया। लेकिन सोनिया नहीं जानती थी कि यह सौदा उसकी ज़िंदगी बदलने वाला है।

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