(SCENE 1: एक शॉपिंग मॉल - मेन्स वियर शोरूम)
SFX: (मॉल का शोर, हल्का म्यूजिक, कपड़ों की सरसराहट)
सूत्रधार: सौदा पक्का हो चुका था। लेकिन सोनिया जानती थी कि आर्यन को उस 'फटे हाल' में घर ले जाना मुमकिन नहीं है। उसके चाचा-चाची उसे गेट से ही भगा देंगे। इसलिए, कोर्ट जाने से पहले वो उसे एक शोरूम में ले आई।
सेल्समैन (नाक सिकोड़ते हुए): मैम, यह... यह जेंटलमैन आपके साथ हैं? हमारे पास ड्राइवरों के लिए यूनिफार्म का सेक्शन पीछे है।
सोनिया (सख्त आवाज़ में): यह मेरे ड्राइवर नहीं, मेरे मंगेतर हैं। इनके लिए एक अच्छा सूट दिखाइये। बजट की कोई चिंता नहीं है।
सेल्समैन (हैरान होकर): जी... जी मैम।
सोनिया: (आर्यन की तरफ मुड़कर) देखो आर्यन, तुम्हें वहां चुप रहना है। अगर किसी ने पूछा तुम क्या करते हो, तो कहना कि तुम... तुम 'फ्रीलांस कंसल्टेंट' हो। मतलब कुछ नहीं करते, बस सलाह देते हो। समझे?
आर्यन (मासूमियत से): जी मैम... मतलब सोनिया जी। लेकिन यह सूट... इसका कपड़ा थोड़ा चुभ रहा है। क्या हम वो वाला नहीं ले सकते? (एक महंगे इटालियन सूट की तरफ इशारा करता है)
सोनिया: चुप रहो! वो 2 लाख का सूट है। तुम्हें 50 हज़ार महीना मिल रहा है, उसी में खुश रहो। यह नीला वाला पहनो। और हाँ, अपनी यह दाढ़ी-मूंछ सेट करवाओ।
आर्यन (मन में): (हंसते हुए) मेरी अपनी कंपनी में लोग मेरे कपड़े कॉपी करते हैं, और आज मुझे यह 5 हज़ार का पॉलिस्टर सूट पहनना पड़ रहा है। लाइफ भी क्या चीज़ है!
(SCENE 2: कोर्ट मैरिज ऑफिस)
SFX: (कागज पर पेन चलने की आवाज़ - SCRATCH SCRATCH, स्टैम्प लगने की आवाज़ - THUD)
रजिस्ट्रार: मुबारक हो। अब आप पति-पत्नी हैं।
सोनिया (राहत की सांस लेते हुए): शुक्रिया। (आर्यन से) सुनो, यह शादी सिर्फ इन कागज़ों के लिए है। घर पर हम एक ही कमरे में रहेंगे ताकि चाचा को शक न हो, लेकिन हम अलग-अलग सोएंगे। मेरे करीब आने की कोशिश मत करना।
आर्यन: बेफिक्र रहिये। मैं अपनी हदों में रहना जानता हूँ।
सोनिया: गुड। चलो, अब 'खन्ना विला' चलते हैं। असली ड्रामा तो अब शुरू होगा।
(SCENE 3: खन्ना विला - लिविंग रूम - जश्न)
SFX: (शैम्पेन की बोतल खुलने की आवाज़ - POP, हंसी-ठिठोली)
राजेश चाचा: चीयर्स! आज सोनिया का 7 दिन का समय खत्म होने वाला है। कल सुबह मैं सीईओ की कुर्सी पर बैठूंगा!
चाची मीना (तीखी आवाज़ में): अरे सुनिए, मैंने तो विक्की के लिए नया केबिन भी डिज़ाइन करवा लिया है। उस सोनिया को तो अब हम घर के सर्वेंट क्वार्टर में शिफ्ट कर देंगे।
विक्की: सही कहा मॉम! वह बेचारी अभी तक दूल्हा ढूंढ रही होगी। हा हा हा!
SFX: (दरवाज़ा खुलने की आवाज़। सन्नाटा छा जाता है।)
सोनिया (ऊँची आवाज़ में): जश्न मनाना बंद कीजिये चाचा जी। और अपनी सीईओ की कुर्सी भूल जाइये।
(सोनिया अंदर आती है। उसके साथ आर्यन है, जो साफ़-सुथरा है लेकिन थोड़ा नर्वस दिखने का नाटक कर रहा है।)
राजेश चाचा: सोनिया? यह... यह कौन है?
सोनिया: मिलिए, मेरे पति... आर्यन से। हमने अभी-अभी शादी की है।
SFX: (कांच का गिलास गिरने की आवाज़ - CRASH)
चाची मीना: क्या? पति? यह सड़क छाप?
सोनिया: तमीज़ से चाची जी। यह इस घर के दामाद हैं। दादाजी की शर्त के मुताबिक, मैं शादीशुदा हूँ। इसलिए कंपनी मेरी है।
(चाची मीना धीरे-धीरे आर्यन के पास आती हैं। उसे ऊपर से नीचे तक घूरते हुए देखती हैं।)
चाची मीना: (हंसते हुए) अरे वाह सोनिया! मान गए तेरी पसंद को। बाज़ार में सब्जी भी ठोक-बजाकर लेते हैं, तूने पति कहाँ से उठाया? इसके चेहरे पर तो लिखा है 'गरीबी'। इसके सूट की फिटिंग देख, ऐसा लग रहा है किसी का उधार मांग कर पहना है।
विक्की: (आर्यन के कंधे पर हाथ रखते हुए) और भाई? क्या करते हो? वेटर हो? या वॉचमैन?
आर्यन (शांत भाव से): फिलहाल तो आपकी बहन का पति हूँ। और उस नाते... आपका जीजाजी।
विक्की (गुस्से में हाथ झटकते हुए): जुबान लड़ाता है? दो कौड़ी का आदमी!
सोनिया (बीच में आते हुए): बस! बहुत हो गया। आर्यन मेरा पति है और उसकी इज़्ज़त मतलब मेरी इज़्ज़त। चाचा जी, वकील को बता दीजियेगा कि शर्त पूरी हो गई है। आर्यन, चलो हमारे कमरे में।
(सोनिया आर्यन का हाथ पकड़कर उसे सीढ़ियों की तरफ ले जाती है।)
राजेश चाचा (पीछे से चिल्लाते हुए): यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा सोनिया! मैं पता लगा लूंगा कि यह कौन है। जिस दिन यह 'फटा-पुराना दूल्हा' भागा, उस दिन तू भी सड़क पर होगी!
(SCENE 4: सोनिया का बेडरूम - रात)
SFX: (दरवाज़ा बंद होने की आवाज़, एसी की हम्मिंग)
सोनिया: (लंबी सांस छोड़ते हुए) उफ्फ! माफ़ करना आर्यन। मैंने कहा था ना वो लोग बहुत बुरे हैं। तुम्हें उनकी बातों का बुरा तो नहीं लगा?
आर्यन: आदत हो जाएगी मैम... मतलब सोनिया। वैसे, "दो कौड़ी का आदमी" सुनना मेरे लिए नया एक्सपीरियंस था।
सोनिया: तुम दिल पर मत लेना। देखो, यह सोफा है। तुम यहाँ सोओगे। और मैं बेड पर। और खबरदार जो खर्राटे लिए तो।
आर्यन: जी। शुभ रात्रि।
(सोनिया लाइट बंद करके सो जाती है। कमरे में अंधेरा है।)
SFX: (कपड़े की सरसराहट। आर्यन धीरे से अपना फोन निकालता है।)
आर्यन (बहुत धीमी, फुसफुसाती और रौबदार आवाज़ में): हेलो, डेविड?
डेविड (फोन पर): यस सर? आप कहाँ हैं सर? पूरी 'ए.वी. ग्रुप' की टीम आपको ढूंढ रही है। मीटिंग्स पेंडिंग हैं।
आर्यन: मैं छुट्टी पर हूँ डेविड। अगले एक साल के लिए मेरी सारी मीटिंग्स वीडियो कॉल पर होंगी। और सुनो... 'खन्ना एंटरप्राइजेज' की फाइल तैयार करो। मुझे जानना है कि इस राजेश खन्ना ने कंपनी में क्या घपले किये हैं।
डेविड: सर? आप खन्ना एंटरप्राइजेज क्यों खरीदना चाहते हैं? वो तो डूब रही है।
आर्यन (हल्की हंसी के साथ): खरीद नहीं रहा डेविड... बस अपनी 'पत्नी' की विरासत बचा रहा हूँ। गुड नाइट।
SFX: (रहस्यमयी संगीत)
सूत्रधार: खन्ना विला के लोग जिसे 'भिखारी' समझकर सोने जा रहे थे, उन्हें नहीं पता था कि उनकी छत के नीचे देश का सबसे ताकतवर आदमी सो रहा है। और यह आदमी अब उनका जीना हराम करने वाला था।
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