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उनका छोड़ो, अपना देखो
निबंध व ज्ञान

उनका छोड़ो, अपना देखो

Funtel
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22
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आप अपनी ज़िंदगी की आधी ताक़त उन चीज़ों पर ख़र्च कर रहे हैं जो कभी आपके हाथ में थीं ही नहीं — और सबसे बड़ी वाली है, दूसरे लोग। यह किताब एक सादी लकीर पर टिकी है : दुनिया में हर चीज़ दो ख़ानों में आती है — उनका काम और मेरा काम। बीस अध्यायों में — बदलने की कोशिश की सात शक्लें, कंट्रोल का भ्रम, लोगों की राय, वो जो आपको पसंद नहीं करता, परिवार, दोस्त जो छूट गए, दफ़्तर, तुलना, सीमा बनाना, अपना हिस्सा उठाना, माफ़ी का इंतज़ार छोड़ना, बड़े बच्चे, और वो सबसे ज़रूरी फ़र्क़ — असहजता में छोड़ना, पर नुक़सान में निकलना। हर अध्याय के अंत में एक लाइन का निचोड़ और एक छोटा काम, साथ में 21 दिन का अभ्यास। रोज़मर्रा की हिंदी में, असली भारतीय हालात के उदाहरणों के साथ।

#रिश्ते #मन की शांति #आत्म-सम्मान #सीमा #परिवार #ग़ुस्सा #माफ़ी #आत्म-विकास #मानसिक स्वास्थ्य #हिंदी किताब #relationships #boundaries #letting go #self respect #peace of mind #self improvement #hindi ebook
1 FREE
भूमिका : दो ख़ाने
750 words 21 reads
2 FREE
अध्याय 1 : बदलने की कोशिश की सात शक्लें
747 words 21 reads
3 FREE
अध्याय 2 : कंट्रोल का भ्रम
685 words 19 reads
4 🔐 Login
अध्याय 3 : आपका मूड किसके हाथ में है
657 words 0 reads
5 🔐 Login
अध्याय 4 : "लोग क्या कहेंगे"
635 words 0 reads
6 🔐 Login
अध्याय 5 : जो आपको पसंद नहीं करता
734 words 0 reads
7 🔐 Login
अध्याय 6 : परिवार — सबसे मुश्किल जगह
770 words 0 reads
8 🔐 Login
अध्याय 7 : दोस्त जो छूट गए
687 words 0 reads
9 🔐 Login
अध्याय 8 : दफ़्तर
787 words 0 reads
10 🔐 Login
अध्याय 9 : तुलना और ईर्ष्या
736 words 0 reads
11 🔐 Login
अध्याय 10 : छोड़ने के बाद क्या बचता है
658 words 0 reads
12 🔐 Login
अध्याय 11 : सीमा बनाना
694 words 0 reads
13 🔐 Login
अध्याय 12 : अपना हिस्सा उठाइए
698 words 0 reads
14 🔐 Login
अध्याय 13 : जो आप सच में बदल सकते हैं
662 words 0 reads
15 🔐 Login
अध्याय 14 : माफ़ करना ज़रूरी नहीं है
710 words 0 reads
16 🔐 Login
अध्याय 15 : जब वो आपका बच्चा हो
739 words 0 reads
17 🔐 Login
अध्याय 16 : जब नुक़सान हो रहा हो
797 words 0 reads
18 🔐 Login
अध्याय 17 : जब निकला न जा सके
799 words 0 reads
19 🔐 Login
अध्याय 18 : जब आप ही दूसरे के ख़ाने में हों
838 words 0 reads
20 🔐 Login
अध्याय 19 : जब कोई चला जाए
723 words 0 reads
21 🔐 Login
अध्याय 20 : 21 दिन का अभ्यास
722 words 0 reads
22 🔐 Login
आख़िरी बात : एक छोटी-सी चिट्ठी आपके नाम
654 words 0 reads

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