(SCENE 1: आहान का कमरा - सुबह)
SFX: (पर्दे खींचने की आवाज़ - Swish, आहान के चिल्लाने की आवाज़)
आहान: (हाथ से आँखों को ढकते हुए) बंद करो! मैंने कहा था इस कमरे में रौशनी नहीं आनी चाहिए! पर्दा किसने हटाया?
इशानी: (शांति से) मैंने हटाया सर। सुबह हो गई है। ताज़ी हवा और धूप सेहत के लिए ज़रूरी है।
आहान: (गुस्से में कांपते हुए) मेरी सेहत की फिक्र मत करो। मुझे अँधेरा पसंद है। पर्दा गिराओ, अभी!
इशानी: (दृढ़ता से) अँधेरे में रहकर ज़ख्म नहीं भरते सर। और डॉक्टर ने कहा है आपको विटामिन-डी चाहिए। मैं पर्दा नहीं गिराऊंगी।
आहान: (छड़ी उठाकर हवा में लहराता है) तुम मेरी नौकर हो, मालकिन नहीं! मेरी बात मानो वरना...
इशानी: वरना क्या सर? मारेंगे मुझे? (आहान के पास जाकर खड़ी हो जाती है) मार लीजिये। छड़ी आपके हाथ में है, और मैं सामने खड़ी हूँ।
(आहान का हाथ हवा में रुक जाता है। वो इशानी की आवाज़ की नज़दीकी महसूस कर सकता है।)
आहान: (दांत पीसते हुए) तुम... तुम बहुत ढीठ हो। तुम्हें लगता है मैं लाचार हूँ? अभी बताता हूँ।
(SCENE 2: द कॉफ़ी टेस्ट (The Coffee Test))
आहान: मुझे कॉफ़ी चाहिए। ब्लैक कॉफ़ी। और सुनो... वो उबलती हुई (Boiling) होनी चाहिए। अगर ज़रा भी ठंडी हुई, तो मैं वो कप तुम्हारे हाथ पर उलट दूंगा। समझीं?
इशानी: (घबराकर) उबलती हुई? सर, मुंह जल जाएगा।
आहान: (शैतानी मुस्कान के साथ) डर गई? जाओ, लेकर आओ। देखते हैं तुम्हारे हाथ कांपते हैं या नहीं।
SFX: (इशानी के जाने की आवाज़)
आहान (खुद से): भाग जाएगी। इस बार ज़रूर भाग जाएगी। मुझे कोई नहीं झेल सकता।
(SCENE 3: हॉल - साज़िश)
SFX: (इशानी किचन से कॉफ़ी लेकर आ रही है। रास्ते में मोहिनी और आर्यन बातें कर रहे हैं।)
आर्यन: मॉम, वो वकील कह रहा था कि आहान के साइन चाहिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए। लेकिन वो साइन करेगा नहीं।
मोहिनी देवी: वो साइन करेगा आर्यन। बस उसे यह यकीन दिलाना होगा कि वो अब किसी काम का नहीं रहा। (इशानी को देखते हुए) अरे इशानी? यह खौलती हुई कॉफ़ी किसके लिए है?
इशानी: आहान सर के लिए मैडम। उन्होंने मांगी है।
मोहिनी देवी: (इशानी को रोकते हुए, धीरे से) एक काम करो। इसमें यह 'चीनी' डाल दो। (एक पुड़िया देती है)
इशानी: यह क्या है मैडम?
मोहिनी देवी: यह... यह मूड ठीक करने की दवा है। वो बहुत गुस्सा कर रहा है ना? इसे पीकर शांत हो जाएगा। डाल दो।
इशानी: (शक करते हुए) लेकिन डॉक्टर के पर्चे में ऐसी कोई दवा नहीं थी।
मोहिनी देवी: (आँखें दिखाते हुए) बहस मत करो लड़की! मैं उसकी माँ हूँ। जो कह रही हूँ करो।
(इशानी चुपचाप पुड़िया ले लेती है, लेकिन उसके मन में खटका लगा है।)
(SCENE 4: आहान का कमरा - टक्कर)
SFX: (कप और प्लेट की आवाज़। भाप निकलने की आवाज़।)
इशानी: लीजिये सर। ब्लैक कॉफ़ी। उबलती हुई।
आहान: (कप की गर्माहट महसूस करते हुए) हम्म। लाओ मेरा हाथ पकड़वाओ।
(इशानी कप आहान के हाथ में देती है। आहान जानबूझकर कप को टेढ़ा करता है ताकि वो गिरे।)
इशानी: (तुरंत कप को नीचे से पकड़ लेती है) ध्यान से सर! गिर जाएगी!
आहान: (गुस्से में) छोड़ो इसे! मुझे चेक करना है कि यह कितनी गरम है। (इशानी का हाथ पकड़कर कप उसके हाथ पर टच करने की कोशिश करता है) तुम्हें डर लग रहा है ना? कि जल जाओगी?
इशानी: (बिना हाथ हटाए, आहान की आँखों में (भले ही वो न देख सके) देखते हुए) मुझे जलने से डर नहीं लगता सर। मुझे डर इस बात से लगता है कि कहीं आप अपनी इंसानियत न खो दें।
आहान: (सन्न रह जाता है) क्या बकवास है?
इशानी: (गंभीर आवाज़ में) आप मुझे डराने के लिए यह सब कर रहे हैं। आप चाहते हैं मैं भाग जाऊं। लेकिन मैं नहीं जाउंगी। और यह कॉफ़ी... (कप वापस ट्रे में रखती है) ...यह मैं वापस ले जा रही हूँ।
आहान: क्यों?
इशानी: क्योंकि इसमें आपकी माँ ने कुछ मिलाया था। और मुझे नहीं लगता वो 'चीनी' थी।
SFX: (सस्पेंस म्यूज़िक - DHU-DHU)
आहान: (चौंककर) क्या? क्या मिलाया था?
इशानी: कोई पुड़िया थी। कह रही थीं 'मूड ठीक करने की दवा' है। लेकिन मैंने वो पुड़िया सिंक में बहा दी। मैं आपको वही दूंगी जो सेफ है।
(आहान चुप हो जाता है। उसे पहली बार लगा कि इस घर में कोई तो है जो उसके पक्ष में खड़ा है।)
आहान: (धीमी, भारी आवाज़ में) तुम... तुमने मेरी माँ की बात टाली? वो तुम्हें नौकरी से निकाल देंगी।
इशानी: निकाल दें। लेकिन मैं अपने मरीज़ को ज़हर नहीं दे सकती। अब मैं आपके लिए दूसरी कॉफ़ी लाती हूँ। और हाँ... (जाते-जाते) ...पर्दा खुला रहेगा सर। रौशनी से डरना बंद कीजिये।
SFX: (इशानी के जाने की आवाज़)
आहान: (अँधेरे में बैठा, उस दिशा में देखता है जहाँ से इशानी की आवाज़ आई थी) कौन हो तुम इशानी? तुम बाकी लोगों जैसी क्यों नहीं हो?
(SCENE 5: रात - सीढ़ियों का जाल)
SFX: (रात का सन्नाटा। आर्यन दबे पाँव सीढ़ियों के पास आता है।)
आर्यन: (फुसफुसाते हुए) मॉम का प्लान फेल हो गया। अब मेरा प्लान काम करेगा।
(आर्यन एक तेल की शीशी (Oil Bottle) खोलता है और सीढ़ियों के बीच में गिरा देता है।)
आर्यन: कल सुबह जब वो अंधा नीचे उतरेगा... तो सीधा हड्डी-पसली तुड़वाएगा। फिर बिस्तर पर पड़ा रहेगा, और हम पावर ऑफ़ अटॉर्नी पर अंगूठा लगवा लेंगे। Perfect!
(आर्यन हंसते हुए चला जाता है।)
सूत्रधार: साज़िश रची जा चुकी थी। तेल सीढ़ियों पर फैला था, और अगली सुबह आहान का इंतज़ार कर रहा था। इशानी ने आहान को ज़हर से तो बचा लिया, लेकिन क्या वो उसे इस जानलेवा फिसलन से बचा पाएगी?
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