(SCENE 1: 'ब्लू मून' क्लब - रात - पार्टी)
SFX: (तेज़ डीजे म्यूज़िक - Boom-Boom-Boom, लोगों का शोर, गिलासों की खनक)
सूत्रधार: सारा और उसकी दोस्त रिया एक हाई-प्रोफाइल पार्टी में आए थे। विक्रम उनके साथ था, लेकिन नियम के मुताबिक उसे पार्टी हॉल के बाहर खड़ा रहना था। सारा इस बात से खुश नहीं थी कि उसका 'साया' (विक्रम) दरवाज़े पर खड़ा है।
रिया: (चिल्लाते हुए, म्यूज़िक के ऊपर) सारा! वो हल्क अभी भी दरवाज़े पर खड़ा है। मुझे तो लगता है वो टॉयलेट तक भी चेक करेगा।
सारा: (गुस्से में ड्रिंक पीते हुए) वो बॉडीगार्ड नहीं, जेलर है। आज मैं उसे ऐसा सबक सिखाऊंगी कि वो अपनी नौकरी छोड़कर भाग जाएगा।
रिया: क्या करेगी तू?
सारा: हम 'लुका-छिपी' खेलेंगे। मैं यहाँ से गायब हो जाउंगी। वो पागलों की तरह ढूंढेगा। जब वो परेशान होकर पापा को फ़ोन करेगा कि "सारा मैम गायब हैं", तब मैं सामने आउंगी और कहूँगी—"अरे मैं तो यहीं थी, तुम ही अंधे हो।" उसकी नौकरी पक्की जाएगी!
रिया: आईडिया अच्छा है। लेकिन छुपोगी कहाँ?
सारा: (किचन के रस्ते की तरफ इशारा करते हुए) वो देखो... सर्विस एरिया। वहां कोई नहीं जाता। मैं वहां छिप जाती हूँ। 10 मिनट बाद आना।
(SCENE 2: होटल का कोल्ड स्टोरेज - गलती)
SFX: (किचन का शोर, बर्तनों की आवाज़। सारा दबे पाँव अंदर घुसती है।)
सारा: (फुसफुसाते हुए) यहाँ कोई नहीं है। परफेक्ट। (सामने एक बड़ा स्टील का दरवाज़ा देखती है) यह क्या है? स्टोर रूम? चलो इसी में छिप जाती हूँ।
(सारा दरवाज़ा खोलती है। अंदर से ठंडी हवा आती है।)
SFX: (दरवाज़ा खुलने की भारी आवाज़ - CREAAAK, ठंडी हवा - Whoosh)
सारा: अरे! यह तो कोल्ड स्टोरेज (फ्रीज़र) है। कोई बात नहीं, बस 5 मिनट की तो बात है। विक्रम की शक्ल देखने लायक होगी।
(सारा अंदर घुसती है। दरवाज़ा अपने आप धीरे-धीरे बंद होने लगता है।)
SFX: (दरवाज़ा बंद - SLAM! और ऑटोमैटिक लॉक की आवाज़ - CLICK)
सारा: (हंसते हुए) अब ढूंढो मिस्टर बॉडीगार्ड! (दरवाज़े को धक्का देती है) अरे? यह तो... (ज़ोर लगाती है) ...यह खुल क्यों नहीं रहा?
सूत्रधार: सारा ने बहुत बड़ी गलती कर दी थी। होटल का वो डीप फ्रीज़र बाहर से लॉक हो जाता था। अंदर का तापमान माइनस 5 डिग्री था।
सारा: (घबराकर, दरवाज़ा पीटते हुए) खोलो! कोई है? रिया!
(लेकिन बाहर डीजे का शोर इतना तेज़ था कि किसी को उसकी आवाज़ सुनाई नहीं दी।)
(SCENE 3: विक्रम की बेचैनी - शिकारी की छठी इंद्री)
SFX: (क्लब के बाहर। विक्रम अपनी घड़ी देख रहा है।)
विक्रम (मन में): (Voiceover) 15 मिनट हो गए। सारा बाहर नहीं आई। रिया दो बार बाहर आ चुकी है, लेकिन सारा नहीं दिखी। कुछ गड़बड़ है।
(विक्रम अंदर जाता है। रिया डांस फ्लोर पर है।)
विक्रम: (रिया का हाथ पकड़कर संगीत के बीच चिल्लाता है) सारा कहाँ है?
रिया: (नशे में, हंसते हुए) अरे रिलैक्स हल्क! वो यहीं कहीं होगी। वाशरूम गई होगी।
विक्रम: (रिया की आँखों में झूठ पकड़ लेता है) तुम झूठ बोल रही हो। अगर 1 मिनट में नहीं बताया, तो मैं पार्टी बंद करवा दूंगा।
रिया: (डरकर) वो... वो तो बस मज़ाक कर रही थी। वो किचन की तरफ छिपने गई है।
विक्रम: किचन? (चौंकते हुए) Idiot girl!
(विक्रम पागलों की तरह किचन की तरफ भागता है।)
(SCENE 4: फ्रीज़र के अंदर - मौत की ठंड)
SFX: (तेज़ हवा की आवाज़, सारा के दांत किटकिटाने की आवाज़ - Kat-Kat-Kat)
सूत्रधार: फ्रीज़र के अंदर का तापमान गिरता जा रहा था। सारा ने छोटी सी ड्रेस पहनी थी। उसका शरीर नीला पड़ रहा था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
सारा: (कांपते हुए, कमज़ोर आवाज़ में) म... म... मम्मी... प... पापा...
(सारा को चक्कर आने लगता है। वो सब्ज़ियों के क्रेट्स के बीच गिर जाती है।)
सारा: (मन में) शायद... शायद यह मेरा अंत है। विक्रम... कहाँ हो तुम? मुझे बचा लो...
(SCENE 5: विक्रम का एक्शन - दरवाज़ा तोड़ो)
SFX: (किचन में विक्रम भागता हुआ आता है। रसोइye उसे रोकने की कोशिश करते हैं।)
रसोइया: ए भाई! इधर आना मना है!
विक्रम: (रसोइye को धक्का देते हुए) हट जा! (चिल्लाते हुए) सारा! सारा!
(विक्रम की नज़र बड़े स्टील के दरवाज़े पर पड़ती है। उसे एहसास होता है कि यही एक जगह है जहाँ वो छिप सकती है।)
विक्रम: (दरवाज़े के पास जाकर सुनता है) कोई आवाज़ नहीं। (हैंडल खींचता है) लॉक है! चाबी लाओ!
मैनेजर: चाबी तो गार्ड के पास है, वो घर गया। यह नहीं खुलेगा।
विक्रम: (गुस्से में) नहीं खुलेगा? आज तो यमराज का दरवाज़ा भी खुलेगा!
(विक्रम पीछे हटता है। वो अपनी पूरी ताकत इकट्ठा करता है और दौड़कर दरवाज़े पर लात मारता है।)
SFX: (धातु पर भारी वार - DHAM! DHAM!)
विक्रम: (तीसरे वार में) आह्ह्ह!
SFX: (लॉक टूटने की आवाज़ - CRASH! दरवाज़ा खुल जाता है।)
(SCENE 6: रेस्क्यू - गर्मी और गुस्सा)
SFX: (सफ़ेद धुआं बाहर निकलता है। विक्रम अंदर घुसता है।)
विक्रम: सारा!
(उसे कोने में सारा बेहोश पड़ी दिखाई देती है। उसका शरीर बर्फ जैसा ठंडा है।)
विक्रम: (सारा को गोद में उठाते हुए) शिट! इसकी नब्ज़ डूब रही है। हाइपोथर्मिया (Hypothermia)!
(विक्रम उसे लेकर किचन के गर्म हिस्से में आता है। वो अपना कोट उतारकर उसे पहनाता है और उसके हाथ-पैर रगड़ने लगता है।)
विक्रम: (सारा के गाल थपथपाते हुए) सारा! उठो! तुम ऐसे नहीं मर सकती! (मन में) तुम्हें मारने का हक़ सिर्फ़ मेरा है, इस ठंड का नहीं!
सारा: (धीरे से आँखें खोलती है, कांपते हुए) व... विक्रम?
विक्रम: (राहत की सांस लेते हुए, और फिर अचानक गुस्से में) तुम पागल हो क्या? तुम्हें अंदाज़ा भी है तुम क्या कर रही थी? अगर मैं 5 मिनट लेट होता, तो तुम मर जातीं!
सारा: (रोते हुए) म-मुझे लगा... यह मज़ाक...
विक्रम: (दहाड़ते हुए) मज़ाक? ज़िंदगी मज़ाक नहीं है सारा! मेरी नौकरी जाए, भाड़ में जाए... लेकिन अगर तुम्हें कुछ हो जाता, तो तुम्हारे पापा का क्या होता? तुम इतनी लापरवाह कैसे हो सकती हो?
(सारा ने आज तक विक्रम को इतना गुस्सा होते नहीं देखा था। लेकिन उस गुस्से में उसे नफरत नहीं, बल्कि एक अजीब सी 'अपनापन' और 'फिक्र' दिखाई दी।)
सारा: (विक्रम के कोट को कसकर पकड़ते हुए) स-सॉरी... मुझे माफ़ कर दो। मुझे ठण्ड लग रही है।
विक्रम: (अपना गुस्सा पीते हुए, उसे अपनी बांहों में कस लेता है ताकि गरमाहट मिले) कुछ नहीं होगा। मैं हूँ। मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा।
SFX: (भावुक संगीत)
सूत्रधार: उस रात सारा को समझ आ गया कि विक्रम सिर्फ़ एक मुलाज़िम नहीं है। कोई मुलाज़िम इतनी शिद्दत से नहीं डांटता, और न ही इतनी शिद्दत से बचाता है। सारा के दिल की बर्फ पिघल चुकी थी। लेकिन विक्रम? विक्रम को अब डर लग रहा था... क्योंकि वो अपने 'टारगेट' के लिए भावनाएं महसूस करने लगा था।
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