वुदरिंग हाइट्स — तूफ़ानी पहाड़ी की प्रेम-गाथा
इंग्लैंड के तूफ़ानी मूरों पर बसी एक रहस्यमय हवेली — वुदरिंग हाइट्स। १८०१ की एक भयानक रात को एक यात्री वहाँ पनाह लेने आता है — और उसकी मुलाक़ात होती है हीथक्लिफ़ नाम के एक क्रूर, उदास, पागलपन भरे मालिक से। उसी रात एक स्त्री की आत्मा खिड़की पर रोते हुए पुकारती है — "मुझे अंदर आने दो..." यहीं से शुरू होती है तीन पीढ़ियों की एक भयानक प्रेम-कथा। एक अनाथ लड़के हीथक्लिफ़ की कैथरीन के साथ पागल मोहब्बत, उसकी प्रेमिका की बेवफ़ाई, बीस सालों का सुनियोजित बदला, एक पूरे ख़ानदान पर मँडराते साये, और मरने के बाद भी न ख़त्म होने वाला एक प्रेम। एमिली ब्रॉन्टे का अमर उपन्यास — पहली बार सरल हिंदी में, मूल कथा की पूरी तीव्रता के साथ, ३४ अध्यायों में।
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