वेरोना की सड़कों पर हुई लड़ाई की धूल अभी पूरी तरह बैठी भी नहीं थी कि लॉर्ड कैपुलेट के आलीशान महल में जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। कैपुलेट एक पुरानी परंपरा के अनुसार हर साल एक भव्य दावत (Masquerade Ball) देते थे, जिसमें पूरा शहर आमंत्रित होता था—सिवाय उनके दुश्मन, मोंटेग्यू परिवार के।
उसी शाम, काउंट पेरिस, जो वेरोना के राजकुमार के रिश्तेदार थे, लॉर्ड कैपुलेट से मिलने आए। पेरिस सुंदर, धनवान और प्रभावशाली थे। उन्होंने कैपुलेट के सामने अपनी इच्छा जाहिर की: वह उनकी इकलौती बेटी, जूलियट, से शादी करना चाहते थे।
"वह अभी बच्ची है, पेरिस," कैपुलेट ने सोच-विचार कर कहा। "उसने अभी अपनी चौदहवीं सालगिरह भी नहीं मनाई है। हमें दो और गर्मियाँ बीतने का इंतज़ार करना चाहिए।" लेकिन पेरिस की जिद देखकर कैपुलेट ने उन्हें आज रात की दावत में आमंत्रित किया। "आज रात मेरी हवेली पर आओ," उन्होंने कहा, "जूलियट वहाँ होगी। अगर तुम उसका दिल जीत पाए, तो मेरी रजामंदी भी तुम्हें मिल जाएगी।"
दूसरी ओर, रोमियो अभी भी अपनी एकतरफा मोहब्बत के गम में डूबा हुआ था। उसके चचेरे भाई बेनवोलियो और उनके सबसे करीबी दोस्त, मर्क्युशियो, ने उसे जबरदस्ती घर से बाहर निकाला था। मर्क्युशियो, जो हमेशा मजाक और हंसी-ठिठोली में रहता था, रोमियो के उदास चेहरे को देख उसे छेड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ता था।
तभी उन्हें पता चला कि कैपुलेट के घर दावत है और रोमियो की प्रेमिका, रोज़ालिन, भी वहां आने वाली है।
"हम वहाँ जाएंगे," बेनवोलियो ने सुझाव दिया। "लेकिन लड़ने नहीं, बल्कि तुम्हें यह दिखाने के लिए कि वेरोना में रोज़ालिन से भी सुंदर कई और चेहरे हैं।"
"मैं जाऊंगा," रोमियो ने भारी मन से कहा, "लेकिन किसी और को देखने नहीं, सिर्फ अपनी रोज़ालिन की एक झलक पाने के लिए।"
चूंकि यह एक 'नकाबपोश दावत' थी, इसलिए उन्हें पहचाने जाने का डर कम था। रोमियो, बेनवोलियो और मर्क्युशियो ने अपने चेहरों पर नकाब लगाए और दुश्मन के घर में, शेर की मांद में, दाखिल हो गए।
महल के अंदर का नज़ारा अद्भुत था। झूमर की रोशनी से हॉल जगमगा रहा था, संगीत हवा में तैर रहा था, और वेरोना की सबसे सुंदर युवतियां नृत्य कर रही थीं। रोमियो की नज़रें भीड़ में रोज़ालिन को ढूंढ रही थीं।
लेकिन तभी, वक्त जैसे थम गया।
कमरे के दूसरे कोने में, रोमियो ने एक लड़की को देखा। वह अन्य लड़कियों के बीच ऐसे चमक रही थी जैसे कौवों के झुंड में कोई सफेद कबूतर। उसकी खूबसूरती ने मशालों की रोशनी को भी फीका कर दिया था। उस एक पल में, रोज़ालिन का खयाल रोमियो के दिमाग से ऐसे गायब हो गया जैसे कभी था ही नहीं।
"क्या मैंने इससे पहले कभी प्रेम किया था?" रोमियो ने खुद से पूछा, उसकी आवाज़ में हैरानी थी। "नहीं, मेरी आंखों ने आज रात से पहले सच्ची सुंदरता कभी नहीं देखी।"
रोमियो अपनी सुध-बुध खोकर उस लड़की को निहार रहा था, लेकिन पास ही खड़े टाइबाल्ट ने उसकी आवाज़ पहचान ली।
"यह आवाज़! यह तो किसी मोंटेग्यू की है!" टाइबाल्ट गुस्से से थर्रा उठा। "यह गुलाम यहाँ नकाब पहनकर हमारा मज़ाक उड़ाने आया है? मेरी तलवार लाओ!"
टाइबाल्ट ने म्यान पर हाथ रखा ही था कि लॉर्ड कैपुलेट ने उसे रोक लिया। "टाइबाल्ट, यह जश्न का माहौल है। मैंने सुना है कि यह रोमियो एक सभ्य और नेकदिल लड़का है। मैं अपने घर में खून-खराबा नहीं चाहता। अपनी तलवार छोड़ दो और शांत रहो।"
टाइबाल्ट अपमान का घूंट पीकर रह गया, लेकिन जाते-जाते उसने कसम खाई, "आज यह घुसपैठिया बच गया, लेकिन यह शांति जल्द ही कड़वाहट में बदल जाएगी।" और वह पैर पटकता हुआ वहां से चला गया।
इधर, रोमियो धीरे-धीरे उस लड़की के पास पहुंचा। उसने संकोच करते हुए उसका हाथ अपने हाथ में लिया। वह लड़की कोई और नहीं, जूलियट थी।
"अगर मेरे इस हाथ ने आपके पवित्र मंदिर (हाथ) को अपवित्र किया हो," रोमियो ने एक तीर्थयात्री की तरह झुककर कहा, "तो मेरे होंठ, दो शर्मिंदा यात्रियों की तरह, इस खता को चूमकर मिटाने के लिए तैयार हैं।"
जूलियट, जो अपनी सादगी और बुद्धिमानी के लिए जानी जाती थी, ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया। उनकी उंगलियां मिलीं, और फिर उनकी आंखें। पहली ही मुलाकात में, शब्दों से ज्यादा खामोशी ने बात की। वहां, उस भीड़भरे हॉल में, उन्होंने एक-दूसरे को चूमा और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए।
लेकिन यह सपना जल्द ही टूट गया। जूलियट की धाय (Nurse) वहां आई और बोली, "मैडम, आपकी माँ आपको बुला रही हैं।"
रोमियो ने धाय से पूछा, "यह किसकी बेटी है?"
"यह?" धाय ने गर्व से कहा, "यह इस घर की मालकिन, लेडी कैपुलेट की बेटी है।"
रोमियो के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। "कैपुलेट?" उसने मन ही मन सोचा। "मेरा जीवन अब मेरे दुश्मन के हाथों गिरवी है।"
थोड़ी देर बाद, जब मेहमान जाने लगे, तो जूलियट ने अपनी धाय से उस नकाबपोश लड़के के बारे में पूछा।
"उसका नाम रोमियो है," धाय ने कड़वी सच्चाई बताई, "वह एक मोंटेग्यू है। तुम्हारे परिवार का सबसे बड़ा दुश्मन।"
जूलियट का दिल बैठ गया। उसने छत की ओर देखते हुए कहा, "मेरा एकमात्र प्रेम, मेरी एकमात्र नफरत से पैदा हुआ है! मैंने बहुत देर से पहचाना, और अब बहुत देर हो चुकी है।"
किस्मत का खेल शुरू हो चुका था। दो दुश्मन परिवारों के वारिस एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे, और यह प्रेम कहानी अब एक खतरनाक मोड़ लेने वाली थी।
How would you like to enjoy this episode?
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें
लॉगिन करें