Font Size
17px
Font
Background
Line Spacing
Episode 1 1 min read 16 0 FREE

नकाब

F
Funtel
21 Mar 2026

दृश्य 1: शहर की सड़क - तूफानी रात

SFX (Sound Effects): (दृश्य की शुरुआत तेज़ तूफ़ानी बारिश और बादलों के गरजने की आवाज़ से होती है। हवा के साय-साय करने की तेज़ आवाज़।) (साइकिल की चेन के चरमराने की आवाज़ और टायरों का पानी में चलने का 'छप-छप' शोर।)

आर्यन: (सांस फूल रही है, भारी आवाज़ में) बस... बस थोड़ा और... उफ़्फ़, ये बारिश... (जोर से पैडल मारने की आवाज़) अगर आज ये डिलीवरी लेट हुई तो बॉस नौकरी से निकाल देगा। और अगर नौकरी गई... तो रिया का बर्थडे गिफ्ट कैसे आएगा?

SFX: (अचानक एक तेज़ रफ़्तार कार के गुज़रने की आवाज़ - VROOOM! पानी के ज़ोर से उछलने (Splash) की आवाज़।)

आर्यन: (चौंकते हुए) अरे!! (साइकिल के ब्रेक लगने की आवाज़ - SCREECH) (कपड़ों से पानी टपकने की हल्की आवाज़)

आर्यन: (खुद को संभालते हुए, उदास हंसी के साथ) बढ़िया... अब कीचड़ का डिज़ाइन भी बन गया। चलो आर्यन, रुकना नहीं है।

MUSIC: (तनावपूर्ण (Tense) संगीत शुरू होता है, जो धीरे-धीरे तेज़ होता है।)

सूत्रधार (Narrator): (गहरी आवाज़ में) आर्यन की ये दौड़ सिर्फ एक पिज़्ज़ा डिलीवर करने की नहीं थी, बल्कि अपनी किस्मत से लड़ने की थी। पर क्या वो जानता था कि इस मंज़िल के दरवाज़े के पीछे उसका इम्तिहान और भी कड़ा होने वाला है?

दृश्य 2: बंगले का दरवाज़ा

SFX: (बारिश की आवाज़ बैकग्राउंड में थोड़ी कम हो जाती है।) (दरवाजे की घंटी बजने की आवाज़ - Ding Dong!) (भारी लकड़ी का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ - Creak...)

आर्यन: (कांपती हुई आवाज़, दांत किटकिटाते हुए) स... सर, आपका पिज़्ज़ा। वो... ट्रैफ़िक और बारिश की वजह से थोड़ी देर...

मिस्टर चोपड़ा: (गुस्से में, भारी आवाज़) देर? घड़ी देख अपनी! 10 मिनट लेट है तू! पिज़्ज़ा ठंडा हो गया होगा। तुम जैसे गरीबों को न टाइम की कद्र है, न खाने की।

आर्यन: (विनम्रता से) सॉरी सर, अगली बार पक्का...

मिस्टर चोपड़ा: अगली बार? चल भाग यहाँ से! मैं इस पिज़्ज़ा के पैसे नहीं देने वाला। "30 मिनट्स और फ्री" याद है न?

SFX: (पिज़्ज़ा बॉक्स छीनने की आवाज़ - Snatch!)

आर्यन: (घबराहट में) सर प्लीज! ऐसा मत कीजिये... मेरे पैसे कट जाएंगे। मेरी पूरे दिन की मेहनत...

मिस्टर चोपड़ा: तो मैं क्या करूँ? मेहनत ही करनी आती तो आज डिलीवरी बॉय नहीं होता। गेट लॉस्ट!

SFX: (दरवाज़ा ज़ोर से बंद होने की आवाज़ - SLAM!) (वापस तेज़ बारिश का शोर बढ़ता है।)

MUSIC: (संगीत उदास (Melancholic) हो जाता है। वायलिन की धीमी धुन।)

आर्यन (Voice Over / मन की आवाज़): (गूंजती हुई आवाज़ - Reverb) सही कहा सर आपने। मेहनत की कद्र करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। दादाजी सही कहते थे... पैसा इंसान की औकात बदल सकता है, फितरत नहीं।

सूत्रधार (Narrator): अपमान का वो कड़वा घूंट पीकर, आर्यन अगली सुबह अपनी दूसरी दुनिया में कदम रखने जा रहा था। वो दुनिया जहाँ उसे उम्मीद थी प्यार की... पर क्या वहां सच में प्यार उसका इंतज़ार कर रहा था?

दृश्य 3: कॉलेज का कॉरिडोर - अगली सुबह

SFX: (बारिश की आवाज़ फेड आउट (Fade Out) होती है।) (कॉलेज का माहौल - छात्रों की हंसी, जूतों की आवाज़ें, लॉकर खुलने-बंद होने का शोर।) (भागने की आवाज़ - तेज कदमों की आहट।) (टकराने की आवाज़ - Thud!)

आर्यन: (सांस लेते हुए) ओह... सॉरी! (खुशी से) रिया! हाय... गुड मॉर्निंग।

रिया: (फुसफुसाते हुए, घबराहट में) आर्यन, तुम यहाँ? प्लीज, धीरे बोलो... मेरे फ्रेंड्स देख रहे हैं। थोड़ा दूर रहो। (हैरानी से) तुम फिर से उन्हीं कपड़ों में आ गए? इनसे... अजीब सी स्मेल आ रही है।

आर्यन: वो... कल शिफ्ट लेट खत्म हुई, बारिश की वजह से कपड़े सूख नहीं पाए। लेकिन सुनो, मैंने तुम्हारे बर्थडे के लिए कुछ खास प्लान...

SFX: (पीछे से लड़कों के ग्रुप के हंसने की आवाज़।) (जूतों की भारी आवाज़ पास आती है।)

विक्की: (व्यंग्य और हंसी के साथ) अरे देखो! कॉलेज का इकलौता 'करोड़पति' आ गया। क्यों बे आर्यन, आज कौन सा फ्लेवर लाए हो? पसीने वाला या बासी वाला?

SFX: (पूरा ग्रुप ज़ोर से हंसता है।)

सूत्रधार (Narrator): रिया की खामोशी और विक्की के ताने आर्यन के दिल पर चोट कर रहे थे, लेकिन असली तूफ़ान तो अभी क्लास के अंदर आना बाकी था। जहाँ सिर्फ शब्दों के तीर नहीं, बल्कि इज़्ज़त की नीलामी होने वाली थी।

दृश्य 4: क्लासरूम

SFX: (क्लास के अंदर का शोर। कुर्सियां खिसकने की आवाज़।) (अचानक पैर अड़ाने की आवाज़ और किसी के लड़खड़ाने का शोर - Stumble!)

विक्की: ओह सॉरी! मुझे लगा कचरा उठाने वाली गाड़ी आ रही है, तो मैंने रास्ता रोक दिया।

SFX: (क्लास के हंसने की आवाज़ गूंजती है।) (अचानक एक भारी किताब के डेस्क पर पटकने की आवाज़ - BAM!) (सन्नाटा छा जाता है।)

स्नेहा: (गुस्से में, तेज़ आवाज़) बस करो विक्की!

विक्की: ओहो! आ गई मदर टेरेसा। क्या बात है स्नेहा, तुम हमेशा इस भिखारी को बचाने क्यों आ जाती हो? कहीं इसका फ्री पिज़्ज़ा तुम्हें भी तो पसंद नहीं आ गया?

स्नेहा: जुबान संभाल कर बात करो विक्की। ये अपनी मेहनत का खाता है, तुम्हारी तरह बाप के क्रेडिट कार्ड पर नहीं जीता। इसके कपड़ों पर कीचड़ हो सकता है, लेकिन इसका चरित्र तुम्हारे जैसे साफ़-सुथरे कपड़े पहनने वालों से कहीं ज़्यादा उजला है।

MUSIC: (तनावपूर्ण ड्रामा म्यूजिक हल्का-हल्का बजता है।)

विक्की: (चिढ़कर) चरित्र? हा! चरित्र से कैंटीन का बिल नहीं भरा जाता। तुम दोनों की जोड़ी कमाल की है। एक फटा हुआ नोट, और दूसरी रेज़गारी... यानी चिल्लर।

SFX: (सिक्कों के खनखनाने की आवाज़ - Clink, Clank, Clatter... सिक्के ज़मीन पर गिरते हैं और लुढ़कते हैं।)

विक्की: ले, ऐश कर। शायद इससे तेरा और तेरी इस 'सस्ती वकील' का लंच हो जाए।

SFX: (सिक्के उठाने की धीमी आवाज़।) (कपड़ों की सरसराहट।)

स्नेहा: (नरम और भावुक आवाज़ में) उठो आर्यन। शेर को कुत्तों के भौंकने से फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

आर्यन: (रुंआसी आवाज़ में) फर्क पड़ता है स्नेहा... जब अपने ही तमाशा देख रहे हों।

सूत्रधार (Narrator): भरी क्लास में गिरे वो सिक्के सिर्फ ज़मीन पर नहीं, आर्यन के आत्म-सम्मान पर गिरे थे। पर कहते हैं न, अंधेरे में ही सितारे चमकते हैं। और आर्यन की ज़िंदगी के उस अंधेरे में एक ही सितारा था... स्नेहा।

दृश्य 5: कॉलेज कैंटीन - एक कोना

SFX: (कैंटीन का शोर - प्लेट्स की आवाज़, दूर से कॉफ़ी मशीन की आवाज़।) (कागज़ के नोटों की सरसराहट।)

आर्यन: तीन सौ... चार सौ पचास... और कल की टिप नहीं मिली। यार स्नेहा, रिया का वो पेंडेंट 5000 का है। अभी भी 500 कम हैं।

स्नेहा: (गहरी सांस लेते हुए) आर्यन, क्या वाकई तुम्हें लगता है कि रिया को इन पैसों की कद्र है? तुमने देखा नहीं क्लास में उसने क्या किया? उसने तुम्हारे लिए एक शब्द नहीं बोला।

आर्यन: वो डर गई थी स्नेहा। उसे अपनी इमेज की फिक्र है... लेकिन एक दिन... एक दिन मैं उसे वो सब दूंगा जिसकी वो हक़दार है।

MUSIC: (भावुक और कोमल संगीत (Soft Piano Theme)।)

स्नेहा (Voice Over / मन की आवाज़): काश तुम देख पाते आर्यन कि तुम किसके लेवल के हो। तुम कोहिनूर हो जिसे एक पत्थर के टुकड़े से प्यार हो गया है।

SFX: (जेब से नोट निकालने की आवाज़।)

स्नेहा: अरे सुनो! मुझे याद आया, तुमने पिछले हफ़्ते मुझे जो असाइनमेंट में हेल्प की थी ना? उसके बदले मुझे स्कॉलरशिप मिली है। ये लो तुम्हारा शेयर। (नोट थमाने की आवाज़)

आर्यन: (हैरानी से) सच में? लेकिन स्नेहा, ये तुम्हारे पैसे हैं...

स्नेहा: चुप रहो! हम दोस्त हैं या बिज़नेस पार्टनर? जाओ, ले आओ वो पेंडेंट।

आर्यन: (खुशी से, गले मिलने की आवाज़) थैंक यू यार! तू न होती तो मेरा क्या होता? तू बेस्ट है!

SFX: (तेज़ कदमों से आर्यन के भागने की आवाज़।)

स्नेहा: (हल्की आह भरते हुए, खुद से) तुम्हारी खुशी के लिए तो मैं अपनी खुशियाँ भी बेच दूँ आर्यन... बस तुम कभी टूट मत जाना।

सूत्रधार (Narrator): दोस्ती और त्याग की इस दास्तान से अनजान, किस्मत अपना पासा फेंकने के लिए तैयार थी। आर्यन सोच रहा था कि वो अपनी मंज़िल के करीब है, लेकिन उसे खबर ही नहीं थी कि कोई और भी है जो उसकी हर सांस, हर कदम पर नज़र रखे हुए है।

दृश्य 6: कॉलेज के बाहर (Cliffhanger)

SFX: (बाहर का ट्रैफिक और हल्की हवा।) (महंगी कार का इंजन चालू होने की आवाज़ - Purring Engine of a Luxury Car. ) (कार की खिड़की का शीशा नीचे होने की आवाज़ - Bzzzzt.)

वकील: (गंभीर आवाज़, फोन पर) जी सर... छोटा मालिक अभी भी इम्तिहान दे रहे हैं। लेकिन आज उनका सब्र टूटने वाला है। क्या हमें दखल देना चाहिए?

MUSIC: (अचानक तेज़ सस्पेंस म्यूजिक - DUN DUN DUN!)

सूत्रधार (Narrator): एक तरफ बेपनाह गरीबी का नाटक, और दूसरी तरफ बे-हिसाब दौलत का सच। जब ये पर्दा उठेगा, तो कौन बचेगा और कौन बिखर जाएगा? सुनिए अगले एपिसोड में।

Aage kya hoga? 👇
Agla Episode
Continue Reading
📋 Sab Episodes Agla

💬 Comments (0)

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

लॉगिन करें
पहली टिप्पणी करें! 🎉

नकाब

How would you like to enjoy this episode?

📖 0 sec