Font Size
17px
Font
Background
Line Spacing
Episode 3 1 min read 16 0 FREE

बादशाह की वापसी

F
Funtel
21 Mar 2026

दृश्य 1: सिंघानिया मेंशन - अगली सुबह

SFX (Sound Effects): (चिड़ियों के चहचहाने की मधुर आवाज़।) (एक बड़े हॉल में कदमों की गूंज - Tock... Tock... Tock...) (महंगे कपड़े पहनने की सरसराहट।)

दादाजी: (गर्व से) कैसा लग रहा है मेरा शेर? तीन साल... तीन साल मैंने तुझे उस कीचड़ में रखा, ताकि तू कमल बन सके।

आर्यन: (गंभीर और भारी आवाज़ में) दर्द हुआ दादाजी... जब अपनों ने ठुकराया। लेकिन अब समझ गया हूँ, दुनिया हैसियत को सलाम करती है, इंसान को नहीं।

दादाजी: बिलकुल सही। और आज वो दुनिया देखेगी कि 'आर्यन सिंघानिया' की असली हैसियत क्या है। तैयार हो?

आर्यन: पूरी तरह से। और स्नेहा?

दादाजी: वो गेस्ट रूम में तैयार हो रही है। उस बच्ची ने तुम्हारा तब साथ दिया जब तुम कुछ नहीं थे। उसे वो सम्मान मिलना चाहिए जो इस घर की बहू को मिलता है।

MUSIC: (एक रॉयल और भव्य (Grand) संगीत शुरू होता है।)

सूत्रधार (Narrator): सूरज निकल चुका था, लेकिन कॉलेज में आज एक अलग ही सूरज उगने वाला था। एक तरफ आर्यन अपनी सल्तनत संभालने को तैयार था, और दूसरी तरफ कॉलेज में विक्की अपनी बर्बादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा था, इससे अनजान कि मेहमान कौन है।

दृश्य 2: कॉलेज ग्राउंड - बिजनेस फेस्ट

SFX: (भीड़ का भारी शोर। माइक चेक की आवाज़ - Hello... Check... 1, 2, 3...) (उत्साहित छात्रों की बातें।)

विक्की: (माइक पर, जोश में) हेलो एवरीवन! आज का दिन हमारे कॉलेज की हिस्ट्री का सबसे बड़ा दिन है! हमारे चीफ गेस्ट, 'सिंघानिया ग्रुप' के मालिक, किसी भी पल यहाँ पहुँचने वाले हैं।

रिया: (विक्की के पास आकर, खुशामद करते हुए) वाओ विक्की! तुम्हारे डैड ने सच में सिंघानिया ग्रुप के मालिक को बुलाया है? सुना है वो बहुत यंग और हैंडसम हैं।

विक्की: ऑफ कोर्स बेबी! और डैड ने कहा है कि वो शायद हमारे कॉलेज में इन्वेस्ट भी करेंगे। सोचो, अगर मैंने उन्हें इम्प्रेस कर दिया तो मेरा करियर सेट! वैसे वो 'पिज़्ज़ा बॉय' नहीं आया आज?

रिया: (हंसते हुए) उसे तो मैंने कल ही उसकी औकात दिखा दी थी। अब शायद किसी कोने में बैठकर रो रहा होगा। अच्छा हुआ वो नहीं आया, वरना सिंघानिया सर के सामने हमारी बेइज्जती हो जाती।

SFX: (अचानक आसमान में गड़गड़ाहट की आवाज़ - Chopper Sound approaching. Dugg-dugg-dugg...) (भीड़ का शोर बढ़ता है - "देखो! हेलीकॉप्टर!")

विक्की: (चिल्लाते हुए) वो देखो! हेलीकॉप्टर! वो आ गए!

MUSIC: (तेज़ और सिनेमैटिक एक्शन म्यूज़िक शुरू होता है।)

सूत्रधार (Narrator): हवाओं का रुख बदल गया था। हेलीकॉप्टर की पंखुड़ियों ने धूल उड़ा दी थी, ठीक वैसे ही जैसे अब विक्की और रिया के घमंड की धूल उड़ने वाली थी। सब की नज़रें आसमान पर थीं, और दिल की धड़कनें तेज़।

दृश्य 3: लैंडिंग और एंट्री (The Grand Entry)

SFX: (हेलीकॉप्टर के लैंड करने की तेज़ आवाज़। हवा का शोर।) (गाड़ियों का काफिला भी सायरन बजाते हुए आता है।) (दरवाज़ा खुलने की आवाज़।) (जूतों की मज़बूत आवाज़ - Thud... Thud... Thud...)

प्रिंसिपल: (घबराहट और खुशी में) वेलकम सर! वेलकम टू रॉयल इंपीरियल कॉलेज। हमें बहुत खुशी है कि आप...

(प्रिंसिपल की आवाज़ अचानक रुक जाती है।)

SFX: (सन्नाटा... एकदम पिन ड्रॉप साइलेंस। सिर्फ हवा की आवाज़।)

विक्की: (हैरानी से, धीरे से) ये... ये तो...

रिया: (सांस अटकते हुए) आर्यन?

आर्यन: (एकदम कड़क और ठंडी आवाज़ में) गुड मॉर्निंग, मिस्टर प्रिंसिपल। उम्मीद है मेरा 'स्वागत' कल रात जैसा नहीं होगा?

SFX: (भीड़ में कानाफूसी शुरू - "ये तो वही पिज़्ज़ा वाला है!", "अरे नहीं, ये आर्यन सिंघानिया है!")

आर्यन: (पीछे मुड़कर) आ जाओ, स्नेहा।

SFX: (हील वाली सैंडल की आवाज़ - Click... Click...)

स्नेहा: (आत्मविश्वास से भरी आवाज़) थैंक यू, आर्यन।

विक्की: (हकलाते हुए) ये... ये कैसे हो सकता है? तुम... तुम तो पिज़्ज़ा...

आर्यन: (बात काटते हुए) पिज़्ज़ा बॉय? नहीं विक्की। मैं वो हूँ जो तुम्हारी पूरी जायदाद खरीद सकता है, और फिर भी टिप में तुम्हें वापस कर सकता हूँ।

MUSIC: (शॉकिंग और ड्रामेटिक म्यूज़िक तेज़ होता है - DHAM!)

सूत्रधार (Narrator): चेहरों के रंग उड़ चुके थे। रिया के पैरों तले ज़मीन खिसक गई थी। जिसे उन्होंने 'फटेहाल' समझकर फेंका था, वो आज सिर से पैर तक अरमानी और गुची में लिपटा हुआ, उनका भाग्य विधाता बनकर खड़ा था।

दृश्य 4: स्टेज भाषण (The Speech)

SFX: (आर्यन के माइक पकड़ने की आवाज़ - Feedback noise...) (भीड़ एकदम शांत।

आर्यन: (माइक पर, गूंजती आवाज़) तीन साल... तीन साल मैंने इस कॉलेज में एक आम स्टूडेंट बनकर बिताए। मैंने यहाँ मैनेजमेंट के लैक्चर कम, और इंसानियत के तमाशे ज़्यादा देखे।

(हल्की हंसी)

आर्यन: किसी ने मुझे कहा था कि मेरा कोई 'लेवल' नहीं है। सही कहा था। क्योंकि शेरों का लेवल भेड़ियों के साथ नहीं होता। मुझे गर्व है कि मैंने गरीबी देखी। क्योंकि उसी गरीबी ने मुझे दिखाया कि कौन मेरे पैसों से प्यार करता है... (रिया की तरफ इशारा) ...और कौन मेरी रूह से। (स्नेहा की तरफ देखकर)

रिया: (रोते हुए, धीरे से) आर्यन...

आर्यन: आज मैं, आर्यन सिंघानिया, अनाउंस करता हूँ कि इस कॉलेज की ट्रस्टीशिप अब मेरे हाथों में है। और मेरा पहला फैसला... विक्की और उसके दोस्तों का सस्पेंशन है।

SFX: (भीड़ का शोर और तालियां।)

विक्की: (चिल्लाते हुए) नहीं! तुम ऐसा नहीं कर सकते! मेरे डैड...

आर्यन: तुम्हारे डैड अभी मेरे ऑफिस के बाहर अपॉइंटमेंट का वेट कर रहे हैं, विक्की। घर जाओ, शायद अब तुम्हें पिज़्ज़ा डिलीवरी की जॉब ढूंढनी पड़े।

MUSIC: (जीत (Victory) का संगीत बजना शुरू होता है।)

सूत्रधार (Narrator): शब्दों के चाबुक चल चुके थे। बदला पूरा हो चुका था, लेकिन प्यार का हिसाब अभी बाकी था। रिया, जो अब तक पत्थर बनी खड़ी थी, अब अपनी आखिरी चाल चलने वाली थी।

दृश्य 5: आखिरी सामना (The Final Confrontation)

SFX: (स्टेज से नीचे उतरने की आवाज़।) (रिया दौड़कर आती है।)

रिया: (रोते हुए, गिड़गिड़ाते हुए) आर्यन! प्लीज रुको! मुझे माफ़ कर दो। मैं... मैं भटक गई थी। मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ, आर्यन। वो सब... वो सब विक्की का दबाव था।

आर्यन: (शांत भाव से) सच में? और वो पेंडेंट? वो भी दबाव में फेंका था?

रिया: मैं... मैं उसे ढूंढ लाऊंगी! मैं अभी पहन लूंगी। प्लीज आर्यन, हमें एक और मौका दो।

आर्यन: (हंसते हुए) मौका? रिया, बिज़नेस में 'डील' होती है, और प्यार में 'विश्वास'। तुमने दोनों तोड़ दिए। और रही बात प्यार की...

(आर्यन जेब से एक मखमली बॉक्स निकालता है।)

आर्यन: ये अंगूठी मैं तुम्हारे लिए लाया था, लेकिन ये उस उंगली में अच्छी लगेगी जिसने कीचड़ में भी मेरा हाथ नहीं छोड़ा।

(आर्यन स्नेहा की तरफ मुड़ता है।)

आर्यन: स्नेहा, तुम मेरी 'गरीबी' की साथी थी... क्या मेरी 'बादशाहत' की रानी बनोगी?

स्नेहा: (भावुक होकर) हमेशा, आर्यन। चाहे तुम राजा हो या रंक।

SFX: (तालियां और सीटियां।) (रिया के रोने की तेज़ आवाज़, जो भीड़ के शोर में दब जाती है।)

आर्यन: चलो स्नेहा, हमें एक एम्पायर चलाना है।

MUSIC: (ग्रैंड फिनाले म्यूज़िक।)

सूत्रधार (Narrator): और इस तरह, आर्यन सिंघानिया ने सिर्फ अपनी पहचान ही नहीं, अपना सच्चा प्यार भी पा लिया। जिसने सबर किया, उसे सल्तनत मिली। और जिसने गुरूर किया, उसे धूल। असली वारिस की ये कहानी हमें सिखाती है कि इंसान की पहचान उसके कपड़ों से नहीं, उसके कर्मों से होती है।

🎉
Story Complete!
You've finished reading this story!
Story Page Jao
Pichla 📋 Sab Episodes

💬 Comments (0)

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

लॉगिन करें
पहली टिप्पणी करें! 🎉

बादशाह की वापसी

How would you like to enjoy this episode?

📖 0 sec