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भूत बंगला

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Funtel
21 Mar 2026


आडवानी मेंशन आज दुल्हन की तरह सजा हुआ दिखाई दे रहा है। परिवार के छोटे बेटे विराज की सगाई का कार्यक्रम आज रिया के साथ होना तय हुआ है।

 

विराज की मां सुनीता पलके बिछाकर अपनी होने वाली छोटी बहू रिया और उसके परिवार का इंतजार कर रही थी।

तभी आठ दस बड़ी बड़ी महंगी गाड़िया बंगले के सामने आकर रुकती हैं और उसी के साथ चारों ओर खुशी की लहर दौड़ जाती है।

सुनीता आरती का थाल लेकर दरवाजे तक आती है और फिर रिया की आरती उतारने के बाद नजर का एक टीका उसके माथे पर लगाकर बड़े प्यार से वह उसे घर के अंदर ले जाती है, मेहंदी लगे हाथ, खूबसूरत लंबे बाल और चमचमाते हीरो का हार पहनी हुई रिया किसी अप्सरा सी खूबसूरत नजर आ रही थी।

कुछ ही देर में सगाई का कार्यक्रम शुरू हो जाता है,और इसी के साथ विराज और रिया एक दूसरे को अंगूठी पहना देते हैं।

रिंग सेरेमनी के बाद घर पर आए सभी मेहमान पार्टी में बिजी हो गए थे। कुछ देर के लिए रेवती और राज भी भूल गए थे कि उनकी बेटी साक्षी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। 

 

रिया:विराज मुझे बाथरूम जाना है..! 

 

विराज:ओह येस..!स्ट्रेट ..देन फर्स्ट लेफ्ट..; तुम अकेले मैनेज कर लोगी ना..?

 

रिया:ऑफ कोर्स..;

 

रिया वॉशरूम की ओर जाने लगती है,तभी बाथरूम के बाहर उसे साक्षी खड़ी हुई नजर आती है।

 

रिया:हे साक्षी कहां थे आप बेबी..?आपको भी वॉशरूम जाना है क्या..?  ये कैसी गंदी सी डॉल से खेल रहे हो आप..? मै अभी फ्रेश होकर आती हूं फिर आपके लिए बहुत सारे गिफ्ट्स लाई हूं वो दिखाती हूं..! ओके..! 

 

साक्षी(अजीब सी आवाज में):इस वॉशरूम में पानी नहीं है,आपको ऊपर जाना पड़ेगा।

 

रिया:अरे लेकिन..!

 

रिया कुछ कह पाती उससे पहले साक्षी वहां से हटकर एक दीवार की ओट में छिप जाती है।

 

रिया:चलो ऊपर ही चले जाते हैं।

 

जैसे ही ऊपर जाने के लिए रिया सीढियां चढ़ना शुरू करती है,साक्षी दीवार के पास खड़े हुए अजीब तरह से मुस्कुराने लगती है।

 

रिया उपर जाकर देखती है,एक बड़ा सा वाशरूम था जिसमें बाथरूम के अलावा ड्रेसिंग रूम भी अटैच था। जहां फ्रेश होने के बाद कपड़े बदलने और तैयार होने के लिए भी स्पेस था।रिया तुरंत जाकर पहले वाशरूम यूज करती है,उसके बाद वो हाथ धोने के लिए आइने के सामने खड़ी हो जाती है अचानक उसकी नजर आइने की ओर जाती है जिसमें उसे अपना खूबसूरत चेहरा नजर आ रहा था। देखते ही देखते रिया को अपने पीछे एक काली परछाई नजर आती है जो आकर उसके अक्स में समा जाती है। रिया घबरा कर मुड़कर देखती है तो उसे पीछे कुछ नजर नहीं आता। वो वापिस आईने में देखती है तो उसे आइने में दिख रहा अपना अक्स धीरे धीरे बदलता हुआ नजर आने लगता है। उसकी आंखे लाल हो जाती है और चेहरे पर दरारें पड़ने लगती हैं।घबरा कर रिया अपने चेहरे को छूकर देखती है कि तभी उसे वाशरूम का दरवाजा खट खट होने की आवाज सुनाई देती है।

 

रिया:अभी दो मिनट पहले तक तो यहां अंदर कोई नहीं था,अचानक अंदर के बाथरूम का दरवाजा कौन खट खट करने लगा।

 

रिया थोड़ा घबराते हुए जाकर दरवाजा खोलती है,लेकिन बाथरूम तो बिल्कुल खाली पड़ा हुआ था।खाली बाथरूम को देखकर रिया गहरी सांस लेती है,लेकिन अचानक ही बाहर वाश बेसिन का नल अपने आप चालू हो जाता है और उससे पानी गिरने लगता है।

 

रिया(चिल्ला कर):अरे कौन है यहां..? मै पूछती हूं कौन है..?

 

घबराकर जैसे ही रिया बाहर आने की कोशिश करती है,वाशरूम का मेन डोर बाहर से लाक हो जाता है।

 

रिया:कोई है..?अरे ये डोर कैसे लॉक हो गया..?

 

रिया बार बार दरवाजे का लॉक घुमाने की कोशिश करती है,लेकिन वो नहीं खुलता तभी उसे एक बच्चे की खिलखिलाने की आवाज सुनाई देती है। और किसी के दौड़ते हुए कदमों की आवाज भी सुनाई देने लगती है।

 

रिया:साक्षी बेटा ये तुम ही हो न..? बेटा दरवाजा खोलो..! मै समझ गई हूं ये शरारत तुम ही कर रही हो..! अच्छा तो ये सब तुम्हारी शरारत थी पहले मुझे ऊपर भेजना और अब ये डोर को लॉक करना एंड ऑल।

 

रिया लगातार साक्षी साक्षी कहकर पुकार रही थी,लेकिन साक्षी की तरफ से उसे कोई जवाब सुनाई नहीं दे रहा था।बस किसी छोटे बच्चे की खिलखिलाने हंसने की आवाजें उसे सुनाई पड़ रही थी।डर से रिया चिल्लाने लगती है और रिया के चिल्लाते ही दरवाजा अनलॉक हो जाता है,और वो दरवाजा खोलकर बाहर निकल आती है।अभी उसने कुछ ही कदम आगे बढ़ाए थे,कि एक बार फिर बॉथरूम का दरवाजा खुलता है और कोई ताकत रिया के पांव पकड़ कर उसे खींच कर वापस बाथरूम के अंदर ले जाती है,और ले जाकर बाथ टब में गिरा देती है । रिया पानी से बाहर निकलने की बहुत कोशिश कर रही थी लेकिन ऐसा लगता था जैसे किसी ने पूरी ताकत से उसका मुंह टब के अंदर पकड़ा हुआ हो।

कुछ ही देर में सांस ना ले पाने के कारण रिया की बाथ टब में ही मौत हो जाती है। और उसका बेजान शरीर टब में निढाल होकर एक तरफ गिर जाता है।

 

कुछ देर बाद…

 

विराज:मां रिया काफी देर पहले बाथरूम गई थी, अभी तक लौटी नहीं आप देखोगे एक बार बाथरूम जाकर प्लीज।

 

बेटे की बात सुनकर सुनीता बाथरूम में जाती है,तो वहां उसे कोई नजर नहीं आता।

 

सुनीता:विराज बाथरूम में तो कोई नहीं है। तू देख हो सकता है बंगला देखने के लिए निकल गई हो..?

 

विराज को ये बात बड़ी अटपटी लग रही थी, कि सगाई के दिन जब इतने मेहमान जमा है रिया पिछले आधे घंटे से लौटी क्यों नहीं है।

 

विराज:रिया भी न,ये कोई समय है बंगला देखने का और अगर देखना ही था तो मुझे कहती मै दिखाता।

 

विराज परेशान होकर इस कमरे से उस कमरे में टहल रहा था,तभी उसे साक्षी के कमरे का बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ दिखाई देता है।

 

विराज रिया रिया कहते हुए बाथरूम के अंदर जाता है,तो वहां बाथ टब में रिया को पड़े हुए देखता है।

रिया की ऐसी हालत देख वो चिल्लाते हुए भाई भाभी को पुकारता हुआ बाहर आता है।

 

चाचा को ऐसे चिल्लाते हुए देख कर भी साक्षी कोई रिएक्शन नहीं देती,और अपने कमरे के बेड पर बैठकर आराम से अपनी डॉल से खेलती रहती हैं।

 

विराज को पागलों की तरह रोते चिल्लाते सुन रेवती राज और कई सारे लोग वहां जमा हो जाते हैं।

 

रिया की इस तरह अजीबो गरीब हालत में मौत हो जाने से, पूरे बंगले में कोहराम मच गया था।रिया की मां और सुनीता जी के तो आंसू ही नहीं रुक रहे थे।वहीं अपनी डॉल के साथ खेलती साक्षी उसे देखकर ज़ोर जोर से खिलखिलाकर हंस रही थी।

 

सुनीता:साक्षी बेटा रिया को बाथरूम में जाते हुए देखा था तुमने..?क्या हुआ था यहां?? बोलो ना बेटा ऐसे कैसे अचानक वो बाथटब में डूब गई..? रिया मदद के लिए चिल्लाई होगी तुम्हें आवाज नहीं आई..? बाथटब में डूब कर कोई कैसे मर सकता है??

 

साक्षी(जोर जोर से हंसते हुए):मर गई…! बेचारी..! हा हा हा…! 

 

सगाई के दिन हुई रिया की मौत,और उसके बाद साक्षी का यह व्यवहार सुनीता रेवती राज और विराज सभी को भीतर तक हिला गया था।बाकी के मेहमान भी अब तो साक्षी के बारे में अजीब अजीब सी बातें करने लगे थे,जिससे पूरा परिवार बहुत डिस्टर्ब हो गया था।

कुछ देर बाद.. साक्षी के डॉक्टर का राज के पास फोन आता है।

 

डॉक्टर:सब ठीक है ना मिस्टर राज ..! साक्षी में कुछ इंप्रूवमेंट समझ में आ रहा है ? आपको याद है ना कल उसको सेशन के लिए लेकर आना है।

 

राज:डॉक्टर एक बहुत बुरी खबर है। एक ओर मौत हो गई है और इस बार भी साक्षी का बिहेवियर बहुत ही सस्पीसियस था। मेरे भाई की मंगेतर उसकी सगाई के ही दिन,साक्षी के बाथटब में मरी हुई मिली है।साक्षी वही कमरे में बैठकर जोर-जोर से हंस रही थी,जैसे उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता हो,डॉक्टर प्लीज कुछ करिए।

राज ने डॉक्टर को पूरी घटना के बारे में बता दिया था।

 

डॉक्टर:मिस्टर राज मैं अभी थोड़ा कन्फ्यूज हूं।मुझे कुछ स्टडी करनी है,उसके बाद मैं आपको फोन करता हूं।

 

राज की बातें सुनने के बाद डॉक्टर बहुत बेचैनी महसूस कर रहा था।साक्षी से बात करते समय डॉक्टर ने जितने भी नोट्स तैयार किए थे,वह सभी को एक बार फिर से स्टडी करने लगता है। 

कुछ दिन पहले….

 

सुनीता: क्या जरूरत है बेटा मकान शिफ्ट करने की अच्छा खासा बांग्ला है हमारा नई जगह पर जाओ तो एडजस्ट होने में कितनी दिक्कतें होती हैं।

 

 राज : अरे मा यह बंगला है और अभी जहां हम शिफ्ट हो रहे हैं ना वह मेंशन है। आपके इस बंगले से बहुत बड़ा है और खूबसूरत भी। हां बस शहर से थोड़ा दूर है लेकिन अपने पास गाड़ियां है ड्राइवर है नौकर चाकर है दिक्कत की कोई बात नहीं है सब मैनेज हो जाएगा ।इतना वेल मेंटेंड मेंशन हमें इतने सही दामों में मिल रहा है और आप हो कि अपने बंगले का मोह छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो।

 

राज जो मिस्टर आडवाणी का बड़ा बेटा था परिवार के अधिकतर खास निर्णय वही लिया करता था। राज और रेवती ने शहर के बाहरी इलाके में बना एक खूबसूरत मेंशन अपने लिए पसंद कर लिया था । और आज वे लोग अपने नए घर में शिफ्ट होने जा रहे थे।

 

साक्षी को अपना ये नया बंगला बहुत अच्छा लग रहा था। वो दौड़कर सभी कमरों में जाकर उसे देख रही थी।

 

रेवती: राज काफी देर हो गई साक्षी कहीं नजर नहीं आ रही आपने देखा क्या उसे ..?

 

राज : अरे क्यों चिंता करती हो बाहर गार्ड  बैठे हुए हैं घर से बाहर नहीं गई होगी ।अंदर बंगले में ही कहीं होगी ।चलो देखते हैं ।

 

राज और रेवती मिलकर साक्षी को ढूंढने लगते हैं काफी देर तक ढूंढने के बाद एक अंधेरे कमरे में उन्हें साक्षी बैठी हुई नजर आती है।

 

 रेवती : अरे साक्षी यहां क्या कर रही हो तुम इतना बड़ा बंगला छोड़कर ये अंधेरे कमरे में क्यों बैठी हुई हो..?  चलो इधर आओ ..!

राम सिंह इस कमरे में अंधेरा क्यों है?? 

 

 गुस्से में रेवती की आवाज सुनकर राम सिंह दौड़ते हुए वहां आता है।

 राम सिंह : मैडम पता नहीं इस कमरे में क्या प्रॉब्लम है कई बार बल्ब बदल दिया लेकिन  बार-बार खराब हो जाता है आप लोग चलिए मैं चेंज कर देता हूं। 

 

रेवती अपनी बेटी साक्षी को लेकर दूसरे रूम में आती है तो देखती है कि साक्षी के हाथ में एक पुरानी सी गुड़िया है जो दिखने में काफी अजीब लग रही थी ।

रेवती:  साक्षी यह किसका टॉय है तुम्हारे पास ??हमारा सामान तो भी अनपेक भी नहीं हुआ!  फिर यह गुड़िया कहां से आई ??

 

साक्षी:  ममा यह गुड़िया उस रूम में थी आपको पता है गुड़िया ने मुझे हाय किया। हम दोनों बेस्ट फ्रेंड बन गए हैं आप पूछ रही थी ना मैं उस रूम में बैठकर क्या कर रही थी मैं अपनी नई फ्रेंड के साथ खेल रही थी ।हम दोनों ने ढेर सारी बातें की और हमें बहुत मजा भी आया। मैंने डॉल को प्रॉमिस किया है अब हम दोनों हमेशा साथ-साथ रहेंगे ।

 

रेवती: राम सिंह बोला था ना तुमसे की घर में जो भी सामान हो सब उठाकर बाहर फेंकवा देना ।हमें कोई पुराना सामान घर में नहीं दिखना चाहिए फिर यह डॉल यहां कैसे रह गई??

 

 राम सिंह:  पता नहीं मैडम मैंने तो पूरा बांग्ला चमका दिया था एक भी चीज नहीं बची थी। कैसे आई कहां से आई कह नहीं सकता।

 

राज : सब के सब कामचोर हो गए हो। डॉल क्या खुद से चलकर आई होगी यहां..? कोई काम सही से नहीं होता।

लाओ साक्षी इधर दो ये डॉल..! आपके लिए पापा बाजार से नया और बहुत अच्छा डॉल लाकर देंगे।

रेवती: देखो तो यह डॉल कितनी गंदी है और इसके चेहरे पर यह गंदा सा क्या लगा है खून जैसा..! छी..!

 

साक्षी: मम्मा ये मेरी डॉल है और इसका नाम एमिली है आप मेरी डॉल के बारे में ऐसी बातें कैसे कर सकते हैं..? मैं आपसे बात ही नहीं करूंगी।

 

इतना कहकर साक्षी डॉल लेकर अपने रूम में चली जाती है।

 

राज: देख रही हो रेवती यह कैसे बात कर रही है। मैंने इसे बोला की डॉल को उठाकर घर से बाहर फेंको और यह उसे लेकर अपने कमरे में चली गई।

 

सुनीता: अरे जाने दो ना बच्ची है।जब रात को सो जाएगी तब हटा देना। सोने के बाद बच्चे सब भूल जाते हैं उसे कौन सा याद रहने वाला है कि यहां बंगले में उसे क्या मिला था..!

 

साक्षी वाकई मम्मी पापा से नाराज थे डिनर करने के लिए भी वह अपने कमरे से बाहर नहीं आई थी।

 

 सुनीता : साक्षी बेटा ऐसे कोई मम्मी पापा से नाराज होते हैं आपने आज खाना भी नहीं खाया ..! अच्छा आओ दादी अपनी गोद में बिठाकर प्यार से खिलाएगी ।

 

साक्षी : नहीं दादी मुझे खाना नहीं खाना आपने देखा ना मम्मी पापा ने कैसे इंसल्ट की मेरे फ्रेंड की ।यह तो गलत बात है ना ..! मम्मी पापा को सॉरी बोलना पड़ेगा।

 

 सुनीता:  जिद नहीं करते ना बेटा मम्मी पापा बड़े हैं उनके बारे में ऐसी बातें नहीं करते चलो जल्दी से खाने के लिए डाइनिंग टेबल पर आओ ।

 

साक्षी:  दादी आप भी जाओ मुझे आपसे भी बात नहीं करनी आप सब लोग एक जैसे हो।

सुनीता: अरे बेटा ये कैसे बात कर रही हो तुम..?

 

रेवती: देखा मां अपने जब से इस लड़की ने उस डॉल को लिया है कुछ अजीब बिहेव नहीं कर रही है यह ??इतनी बदतमीजी से तो कभी बात नहीं करती !! इसे हुआ क्या है उस डॉल के लिए ऐसे पागल हो रही है जैसे आज से पहले इसने कोई खिलौना देखा ही नहीं है..!अब उसकी डॉल से हम माफी मांगेगे..? 

 

राज: रेवती खत्म करो इस बात को..! और देखो कोई जरूरत नहीं है ज्यादा साक्षी के पीछे पीछे जाने की ज्यादा लाड प्यार से भी बच्चे बिगड़ते हैं। इस बात का ख्याल रखना।

राज ने साक्षी को मनाने के लिए घर में सभी को सख्त मना कर दिया था।

लेकिन साक्षी का व्यवहार हर गुजरते पल के साथ बहुत तेजी से बदल रहा था। क्या साक्षी के साथ किसी अनहोनी की शुरुआत हो गई है..? आखिर किसकी है ये डॉल और साक्षी के पास कैसे आई ..? क्या साक्षी वाकई अपने मां पापा से नाराज हैं या कोई ओर शक्ति है जो उससे ये सब करवा रही है जानने के लिए देखना न भूले कहानी का अगला भाग।

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