📚

Apni Bhasha Chunein

Which language stories do you prefer?

🇮🇳
हिंदी
Hindi
🇬🇧
English
English
🇮🇳
मराठी
Marathi
🇮🇳
தமிழ்
Tamil
🇮🇳
తెలుగు
Telugu
🇮🇳
বাংলা
Bengali
🌐 Sab Bhashaon ki Kahaniyaan Dikhao
FuntelStories
Back
स्टॉप ओवरथिंकिंग
निबंध व ज्ञान

स्टॉप ओवरथिंकिंग

Funtel
1 followers
★ 0.0
0 ratings
37
Reads
22
Episodes
22
Free

रात को नींद नहीं आती क्योंकि दिमाग़ बंद ही नहीं होता? वही पुरानी बात बार-बार घूमती रहती है, और "अगर ऐसा हो गया तो?" वाला सवाल पीछा नहीं छोड़ता? यह किताब ज़्यादा सोचने की आदत पर एक सीधी-सादी, बिना भारी शब्दों वाली किताब है। इसमें बीस अध्यायों में समझाया गया है कि दिमाग़ लूप में फँसता क्यों है, सोच को बीच में कैसे पकड़ें, और वे तरीक़े जो आज रात से इस्तेमाल किए जा सकते हैं — नाम देना, साँस, चिंता का टाइम-टेबल, "काफ़ी अच्छा" वाला नियम, और छोटा अगला क़दम। हर अध्याय के अंत में एक लाइन का निचोड़ और एक छोटा-सा काम, साथ में 21 दिन का आसान प्लान। रोज़मर्रा की हिंदी में, असली भारतीय हालात के उदाहरणों के साथ।

#ओवरथिंकिंग #ज़्यादा सोचना #चिंता #तनाव #मानसिक स्वास्थ्य #मन की शांति #नींद #आत्म-विकास #आदत #हिंदी किताब #overthinking #anxiety #stress #self help #mental health #hindi ebook #personal growth
1 FREE
भूमिका : यह किताब किसके लिए है
681 words 19 reads
2 FREE
अध्याय 1 : सोचना और ज़्यादा सोचना — फ़र्क़ क्या है
708 words 19 reads
3 FREE
अध्याय 2 : दिमाग़ आख़िर लूप में फँसता क्यों है
748 words 18 reads
4 🔐 Login
अध्याय 3 : ओवरथिंकिंग के तीन चेहरे
697 words 0 reads
5 🔐 Login
अध्याय 4 : शरीर सब बता देता है
744 words 0 reads
6 🔐 Login
अध्याय 5 : आपका ट्रिगर कौन है
724 words 0 reads
7 🔐 Login
अध्याय 6 : सोच सच नहीं होती
714 words 0 reads
8 🔐 Login
अध्याय 7 : "अगर ऐसा हो गया तो?" वाला जाल
707 words 0 reads
9 🔐 Login
अध्याय 8 : फ़ैसला न ले पाने की बीमारी
767 words 0 reads
10 🔐 Login
अध्याय 9 : नाम दो, लड़ो मत
691 words 0 reads
11 🔐 Login
अध्याय 10 : साँस और शरीर — सबसे तेज़ स्विच
733 words 0 reads
12 🔐 Login
अध्याय 11 : कागज़ पर उतार दो
788 words 0 reads
13 🔐 Login
अध्याय 12 : चिंता का टाइम-टेबल
733 words 0 reads
14 🔐 Login
अध्याय 13 : "काफ़ी अच्छा" वाला नियम
704 words 0 reads
15 🔐 Login
अध्याय 14 : छोटा-सा अगला क़दम
745 words 0 reads
16 🔐 Login
अध्याय 15 : नींद, फ़ोन और अकेलापन
877 words 0 reads
17 🔐 Login
अध्याय 16 : "लोग क्या कहेंगे"
770 words 0 reads
18 🔐 Login
अध्याय 17 : जो बीत गया, उसे रखने की जगह
821 words 0 reads
19 🔐 Login
अध्याय 18 : अकेले मत लड़ो
844 words 0 reads
20 🔐 Login
अध्याय 19 : 21 दिन का आसान प्लान
762 words 0 reads
21 🔐 Login
अध्याय 20 : जब कुछ भी काम न करे
791 words 0 reads
22 🔐 Login
आख़िरी बात : एक छोटी-सी चिट्ठी आपके नाम
546 words 0 reads

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

Login
पहली टिप्पणी करें! 🎉