(SFX: बच्चों के दूर से आती हँसी और तालियों की आवाज़। ताजी हवा के झोंके और चीड़ के पेड़ों की सरसराहट।)
आर्यन: (कांपती हुई आवाज़ में) मीरा...?
(SFX: मीरा के चलने की आवाज़ अचानक रुक जाती है। उसके हाथ से गिरी हुई किताब की हल्की आवाज़।)
मीरा: (पीछे मुड़े बिना, धीमी और स्थिर आवाज़ में) यह आवाज़... यह मुमकिन नहीं है।
प्रिया: (धीरे से आर्यन का हाथ दबाती है) पापा, वो मुड़ रही हैं...
(SFX: मीरा के धीरे-धीरे मुड़ने और उसके पायलों की हल्की रुनझुन की आवाज़। एक भावुक वायलिन संगीत बैकग्राउंड में बजता है।)
मीरा: (आर्यन को देखते हुए, गहरी साँस लेकर) आर्यन? तुम... यहाँ?
आर्यन: (स्तब्ध होकर) मीरा... तुम कितनी बदल गई हो। तुम्हारी वो आवाज़, वो हँसी... सब कुछ कितना शांत हो गया है।
(SFX: पास ही बहते हुए झरने का शोर, जो दोनों के बीच की खामोशी को भर रहा है।)
मीरा: (हल्की सी फीकी मुस्कान के साथ) पंद्रह साल, आर्यन। पंद्रह साल में तो पत्थर भी घिस जाते हैं, मैं तो फिर भी इंसान हूँ। पर तुम... तुम यहाँ कैसे? और यह प्यारी सी बच्ची?
प्रिया: (आगे बढ़कर) नमस्ते आंटी! मैं प्रिया हूँ। और हम यहाँ आपको ही ढूंढने आए हैं। मेरी मम्मा ने आपका पता बताया था।
मीरा: (हैरानी से) तुम्हारी मम्मा? माया? (आर्यन की ओर देखते हुए) वह कहाँ है? आई नहीं?
आर्यन: (नीची नज़रें करके) माया... माया अब नहीं रही, मीरा। तीन साल पहले एक बीमारी ने उसे हमसे छीन लिया।
(SFX: मीरा के अचानक चौंकने और उसकी सिसकी की आवाज़। संगीत अब उदास हो जाता है।)
मीरा: (गमगीन आवाज़ में) मुझे... मुझे नहीं पता था। आई एम सो सॉरी, आर्यन। माया बहुत अच्छी इंसान थी। लेकिन उसने मेरा पता कैसे...?
(SFX: भारी जूतों की आहट। एक सौम्य पुरुष की आवाज़ आती है।)
अमन: मीरा! बच्चों का दूध आ गया है... अरे, कोई मेहमान आए हैं?
(SFX: आर्यन के चेहरे पर हैरानी के भाव का संगीत।)
मीरा: (खुद को संभालते हुए) अमन... यह आर्यन है। मेरा पुराना दोस्त। और यह उसकी बेटी प्रिया।
अमन: (गरमजोशी से) ओह! आर्यन! मीरा अक्सर कॉलेज के दिनों की बातें करती है। आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। मैं अमन हूँ, मीरा का मंगेतर।
(SFX: आर्यन के दिल के धड़कने की तेज़ आवाज़। सन्नाटा।)
आर्यन: (हकलाते हुए) म-मंगेतर? बहुत अच्छा लगा मिलकर।
अमन: आप लोग बहुत दूर से आए होंगे। चलिए, हमारे गेस्ट हाउस में रुकिए। आज रात का खाना हम साथ खाएंगे। मीरा, मैं बच्चों को देखता हूँ, तुम अपने दोस्त से बातें करो।
(SFX: अमन के जाने की आवाज़। चाय के कप रखे जाने की आवाज़।)
मीरा: (चाय डालते हुए) तुम बहुत परेशान लग रहे हो, आर्यन। तुम सिर्फ़ मुझे अपनी पत्नी की मौत की खबर देने तो यहाँ नहीं आए होगे?
आर्यन: सच कहूँ तो मीरा, मुझे खुद नहीं पता था कि मैं यहाँ क्यों आ रहा हूँ। माया ने मरने से पहले प्रिया के लिए कुछ वीडियो छोड़े थे। आखिरी वीडियो में उसने तुम्हारा नाम लिया। उसने कहा कि मैंने तुम्हारा दिल दुखाया है... और मुझे तुमसे माफी माँगनी चाहिए।
मीरा: (एक ठंडी आह भरते हुए) माफी? किस बात की? कि तुमने उस लड़की को चुना जिससे तुम प्यार करते थे? आर्यन, प्यार में कोई कर्ज नहीं होता। मैंने जो किया, वो मेरा फैसला था। मैंने तुम्हें कभी नहीं बताया कि मैं क्या महसूस करती थी, तो इसमें तुम्हारी क्या गलती?
आर्यन: गलती मेरी थी मीरा! मैंने कभी तुम्हारी खामोशी पढ़ने की कोशिश ही नहीं की। मैं अपनी ही दुनिया में इतना खोया था कि मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि मेरी सबसे अच्छी दोस्त अंदर ही अंदर टूट रही है।
(SFX: रात के झींगुरों की आवाज़। प्रिया दूर से मीरा और आर्यन को देख रही है।)
प्रिया: (मन में) मम्मा ने सही कहा था। पापा और मीरा आंटी के बीच अभी भी बहुत सारी बातें बाकी हैं। लेकिन ये 'अमन अंकल' बीच में कहाँ से आ गए? अब मेरा मिशन और मुश्किल हो गया है।
मीरा: (आर्यन की आँखों में देखते हुए) तुम बदल गए हो आर्यन। तुम्हारी आँखों में अब वो शरारत नहीं, एक गहरा खालीपन है।
आर्यन: और तुम्हारी आँखों में वो शांति है मीरा, जो बहुत कुछ सहने के बाद आती है।
(SFX: सस्पेंस भरा संगीत जो क्लाइमेक्स की ओर इशारा करता है।)
नरेटर: आर्यन को मीरा मिल तो गई, लेकिन मीरा अब किसी और के साथ अपनी नई ज़िंदगी शुरू करने वाली है। क्या प्रिया अपनी मम्मा की आखिरी इच्छा पूरी कर पाएगी? क्या बरसों पुरानी यह दोस्ती फिर से प्यार में बदल पाएगी?
(SFX: थीम म्यूजिक तेज़ होकर खत्म होता है।)
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