शिव पुराण
नैमिषारण्य के अट्ठासी हज़ार ऋषियों की एक भव्य सभा में सूत-मुनि से सुनाया गया शिव-पुराण — सम्पूर्ण भारतीय शैव-परम्परा का सार। तीस अध्यायों में — शिव-तत्त्व, लिङ्ग का प्रकटन, सती-दक्ष यज्ञ, पार्वती का जन्म और तपस्या, कामदेव-दहन, शिव-पार्वती का विवाह, कार्तिकेय और गणेश का जन्म, त्रिपुरासुर-संहार, द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग, नटराज और ताण्डव, मार्कण्डेय व महामृत्युञ्जय-मन्त्र, दैनिक पूजा-विधान, मन्त्र-शास्त्र, शिव-योग, अद्वैत-वेदान्त, बेलपत्र-रुद्राक्ष-भस्म, समुद्र-मन्थन और नीलकण्ठ, कैलास-मानसरोवर, शिव-गङ्गा अवतरण, उमा-संहिता और स्त्री-धर्म, कैलास-संहिता और आत्म-ज्ञान, वायवीय-संहिता, विशेष व्रत और तीर्थ — सब समाहित। एक भक्त के लिए सम्पूर्ण शैव-धर्म का परिचय और मुक्ति का सरल मार्ग। मूल हिंदी में — श्रद्धालु पाठकों के लिए।
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