सुन्दरकाण्ड
रामायण के पाँचवें काण्ड — सुन्दरकाण्ड — का सम्पूर्ण हिंदी विवरण। पवन-पुत्र हनुमान् की एक मीठी यात्रा — महेन्द्र पर्वत से लङ्का तक। पैंतीस अध्यायों में — मंगलाचरण, सागर-लङ्घन, मैनाक का अभिनन्दन, सुरसा-परीक्षा, सिंहिका-वध, लङ्कनि का श्राप-मुक्ति, रावण-महल में खोज, विभीषण से मिलन, अशोक वाटिका में सीता-दर्शन, त्रिजटा का स्वप्न, रावण-सीता संवाद, हनुमान्-सीता संवाद, मुद्रिका-दान, चूड़ामणि-समर्पण, अशोक वाटिका विध्वंस, किङ्कर-जम्बुमाली-अक्षय कुमार-मेघनाद से युद्ध, ब्रह्मास्त्र-बंधन, रावण-सभा, पूँछ की अग्नि, लङ्का-दहन, सीता से अन्तिम विदा, मधुवन-विध्वंस, श्रीराम-हनुमान् संवाद — और अन्त में सुन्दरकाण्ड-माहात्म्य व फलश्रुति। एक भक्त की एक मीठी कथा। मूल हिंदी में — श्रद्धालु पाठकों के लिए। हर एक भक्त के भीतर के हनुमान् का जागरण।
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