आपका दिमाग़ चीज़ें याद रखने के लिए नहीं बना। वो चीज़ें सोचने के लिए बना है। और आपने उससे चौकीदारी करवा रखी है।
एक बात पर ग़ौर कीजिए।
रात को दो बजे आपको अचानक याद आता है कि गैस बुक करनी थी।
अब सवाल ये है — दिमाग़ ने ये बात रात दो बजे क्यों याद दिलाई? दफ़्तर में जब आप फ़ोन के पास बैठे थे, तब क्यों नहीं?
क्योंकि आपके दिमाग़ को समय का कोई हिसाब नहीं है। उसे बस इतना पता है कि एक काम बाक़ी है, और वो उसे बार-बार उठाता रहता है — जब तक कोई भरोसेमंद जगह न मिल जाए जहाँ वो उसे रख सके।
ये किताब क्या है
ये बावन छोटे अध्यायों की किताब है। एक अध्याय, एक उसूल।
हर अध्याय पाँच मिनट में पढ़ा जा सकता है, और हर अध्याय के अंत में एक छोटा काम है जो उसी दिन किया जा सकता है।
अगर आप हफ़्ते में एक अध्याय पढ़ें, तो साल भर चलेगा।
अगर आप एक ही बार में पूरी पढ़ लें, तो भी ठीक है — पर तब कुछ नहीं बदलेगा, और मैं ये शुरू में ही कह देना चाहता हूँ।
ये किसके लिए है
उसके लिए जिसका दिन बहुत भरा रहता है और शाम को समझ नहीं आता कि हुआ क्या।
उसके लिए जिसके पास दस अधूरे काम हैं और वो सब एक साथ दिमाग़ में रहते हैं।
उसके लिए जो छुट्टी वाले दिन भी पूरी तरह छुट्टी नहीं ले पाता, क्योंकि कहीं कुछ अटका हुआ है।
और ख़ास तौर पर उसके लिए जिसने बहुत सारे ऐप आज़मा लिए हैं और कोई चला नहीं।
ये किताब क्या नहीं है
ये आपसे सुबह चार बजे उठने को नहीं कहेगी।
ये आपको ज़्यादा काम करने का तरीक़ा नहीं बताएगी। ज़्यादातर लोग पहले से बहुत काम कर रहे हैं। उनकी दिक़्क़त मेहनत की कमी नहीं है।
और ये कोई ऐप नहीं बेचेगी। इस पूरी किताब के लिए एक कॉपी, एक पेन और एक डिब्बा काफ़ी है।
पूरी बात एक लाइन में
अगर आप बावन उसूल भूल जाएँ और सिर्फ़ एक बात याद रखें, तो ये रखिए :
जो काम दिमाग़ में है, वो हो नहीं रहा। और जब तक वो दिमाग़ में है, वो आपकी ताक़त खा रहा है।
दिमाग़ एक बहुत महँगी जगह है। वहाँ सोचना चाहिए, हल निकालना चाहिए, फ़ैसले लेने चाहिए।
और हम वहाँ सामान रखते हैं — गैस बुक करनी है, दवा लानी है, उसका जवाब देना है।
ये ऐसा है जैसे कोई अपने ड्रॉइंग रूम में बोरे रख दे और फिर शिकायत करे कि बैठने की जगह नहीं है।
कैसे शुरू करें
अगले अध्याय से शुरू कीजिए। क्रम से चलिए — पहले आठ अध्याय एक साथ काम करते हैं।
और अभी, इसी वक़्त, एक काम कीजिए।
एक कॉपी लीजिए। कोई भी। स्कूल वाली, रजिस्टर, कुछ भी।
उसके ऊपर लिखिए — "सब कुछ"।
वो कॉपी अगले बावन अध्यायों में आपके साथ रहेगी।
आज ये करो
एक कॉपी ढूँढिए और उस पर "सब कुछ" लिख दीजिए। बस इतना। कुछ लिखना नहीं है अभी।
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