ऋत्विक ने काला से उस अधूरी बात चीत के बारे मै फिर से पुछा “आप मंडल के बारे मै क्या बता रहे थे?” काला ने बड़ी चतुराई से बात तो टालते हुए कहा “नहीं, कुछ नहीं बस यही बता रहा था की तुम लोगों को मंडल इतनी आसानी से नहीं मिलेगा क्यू की यहाँ के रास्ते कुछ अलग से है, आप सब को कोई ऐतराज ना हो तो मै आपको मंज़िल तक पहुचा दु?” ऋत्विक थोड़ा unsafe फ़ील करते हुए बोला “अरे, इसमे आप क्यू तकलीफ उठा रहे हो हम ढूंढ लेंगे” काला थोड़ा मुसकुराते हुए बोला “मे वो देख चुका हु, तुम सब इस जगह के लिए नए हो पर बाकी तुम्हारी मर्जी, जैसे इस गाड़ी का हाल हुआ है क्या पता आगे कुछ और मुसीबत आ जाए?” ऋत्विक को काला की ये बात सही लगी क्यू की अभी टायर फटने जैसी चीज हो गई थी, तभी sid जोर जोर से हॉर्न बजाने लगा, यह देख ऋत्विक तुरंत भागता हुआ कार के पास गया।
sid ने ऋत्विक को अपनी और आते देखकर हॉर्न बजाना बंध कर दिया, ऋत्विक ने आते ही पुछा “क्या? अब क्यू इतना हॉर्न बजा रहा है?” sid ने जवाब दिया “तू उस कंबल वाले से क्यू इतना घुल मिल रहा है? कही तुम्हें कोई और चीज की आदत तो नहीं लग गई ना? नताशा संभालना इसे” नताशा ने sid के मज़ाक को अनसुना करते हुए तनिशा और गोलू के साथ लूडो खेलने लगी, वही ऋत्विक ने अपने दातों को पिस्ते हुए कहा “अरे, पागल हो गया है क्या? बस रास्ता पूछ रहा था” ऋत्विक ने सब को अपनी और ध्यान खिचते हुए पुछा “guys, काला हमारी हेल्प कर सकता है?क्या उसे अपने साथ लेले? क्यू की यहाँ का लोकल है तो थोड़ी हेल्प हो जाएगी क्या खयाल है?”
ये बात सुनकर नताशा, गोलू और तनिशा की आंखे फट गई और तीनों ने एक साथ पूछा “पागल हो गए हो क्या? इसे कभी नहीं” sid ने भी ना मे सिर हिलाते हुए इशारा किया, ये देख ऋत्विक ने बताया “अरे तुम लोग समज नहीं रहे हो वो इस जगह को सालों से जनता है, और यही काम करते आया है, जैसे अभी केसे बताया की कांटा जहरीला है, मे गारंटी लेता हु की वो मेरे साथ आगे बैठे गा और तुम सब पीछे अगर ज्यादा चालक बने की उसने कोशिश की तो तुम सब पीछे से उसको पकड़ लेना समजे” सभी लोग एक दूसरे को कुछ सेकंड के लिए देखने लगे और इशारों मे सारी बात हो गई।
ऋत्विक के face पर एक हल्का सा कन्विन्सींग लुक आया और उसने भी अग्री किया, ऋत्विक तुरंत काला के पास गया, और इधर sid ने अपने सेल्फ डिफेन्स की पोटली खोल दी “तुम नताशा और तनिशा पीछे बैठना मै उस आदमी के सीट के पीछे बैठूँगा और गोलू तुम मेरे पास मैं, मुजे एक चार्जर की वायर चाहिए जैसे वो कोई चालाकी करे मै तुरंत उसका गला जकड़ लूँगा” सभी लोग अग्री हो गए और अपनी अपनी सीट पर सेट हो गए।
ऋत्विक के दिमाग में वही सवाल वापस घूम रहा था और वो इस सच को जाने के लिए काला को अपने साथ ले जाने के लिए रेडी हो गया था, ऋत्विक ने काला को बताया “आप चलिए क्यू की आप इस इलाके को अच्छी तरह से जानते है” ये सुन काला तुरंत अपने लाल टेन के साथ कार की और बढ़ने लगा, वही ऋत्विक भी उसके पीछे पीछे चलने लगा।
ऋत्विक अपनी ड्राइविंग सीट पर बैठ गया, वही काला दूसरी और कार के दरवाजे की और खड़ा रहा, ऋत्विक समझ गया कि काला को समझ नही आ रहा की दरवाजा कैसे खुलता है, ऋत्विक ने तुरंत अपने आप को खींचते हुए सामने का दरवाजा खोला, और जैसे दरवाजा खुला काला तुरंत अंदर बैठ गया।
काला का लाल टेन अभी भी जल रहा था ये देख ऋत्विक बोला “आप अपना ये लाइट बंद कर दीजिए, वरना यहां आग लग सकती है, और वो दरवाजा भी बंध कर दीजिए” यह सुन काला ने अपनी लाल टेन बुझा दी और दरवाजा भी बंध कर लिया, पीछे बैठे sid और सभी लोग पूरी तरह से अपने प्लान के मुताबिक रेडी थे, और ऋत्विक भी रेडी था, काला ने पीछे मुड़ कर देखा तो सभी लोग ने उसे इग्नोर किया, ऋत्विक ने अपनी गाड़ी स्टार्ट की और अपनी मंजिल की और बढ़ने लगे।
कार के अंदर सन्नाटा छाया हुआ था, सन्नाटे के बीच ऋत्विक ने मूड चेंज करने के लिए कार के प्लेयर से गाना शुरू किया, लाउड सॉन्ग बजते ही, काला ने अपने कान को बंध कर दिया और ऋत्विक की और चिल्लाते हुए बोला “बंध करो ये शोर शराबा, बंध करो।” ऋत्विक ने तुरंत सॉन्ग को ऑफ कर दिया।
ऋत्विक ने बात को डायवर्ट करते हुए कहा “आप कितने समय से इस जगह पर रह रहे हो?” काला ने जवाब दिया “पिछले ३ दशक से में यही पर रहे रहा हु और इस जंगल को बचा रहा हु” ऋतिक ने फिर पूछा “अच्छा, आप के काफी सारे लोग होंगे जो आप के इस काम में आपसे जुड़े होंगे” काला ने जवाब दिया “हां, पर अब सब वैसे नही रहे, आज कल के लड़के अपने जंगल की फिकर नही करते, सब अब शहर में जाके बस रहे है”
ये सुन sid बोला “इस में क्या बुरी बात है, अच्छा हुआ ना की गांव के लोगो भी अब नई उम्मीद देख रहे है” काला को ये बात माने पसंद न आई हो वैसे उसने sid की और गुस्से से देखते हुए कहा “फिर क्या होगा यहां भी वही बड़ी बड़ी इमारत बन जायेगी और तब तुम्हे पता चलेगा इस जंगल का क्या महत्व है”
इसी बात चीत के बीच काला ऋत्विक को गाइड भी कर रहा था, तभी काला ने ऋत्विक को बताया “मुझे यह उतार दो, इस मोड़ के आगे तुम्हारी मंजिल है,” ये सुन ऋतिक ने तरीके से पूछा “आप यहां तक आए है तो हमारे साथ वहा तक चलिए” ये सुन काला की आखें लाल हो गई और गुस्से में बोला “असंभव” जैसे गाड़ी रुकी काला तुरंत वहा से चला गया, काला की ये बात ऋत्विक को सोचने में मजबूर करने लगी आखिर क्या कारण था मंडल का राज़? जिसका नाम और पता सब को पता है? पर कोई वहा आना नही चाहता? जाने के लिए सुनते रहिए हॉरर ट्रिप का अगला चैप्टर।
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