Font Size
17px
Font
Background
Line Spacing
Episode 1 1 min read 30 0 FREE

खूनी सबूत और आखिरी कसम

F
Funtel
21 Mar 2026

(SCENE 1: मुंबई की बारिश वाली रात - सुनसान सड़क)

SFX: (तेज़ बारिश की आवाज़ - Chhap-Chhap, ऑटो रिक्शा के इंजन की घरघराहट, अनन्या की तेज़ और डरी हुई सांसें)

सूत्रधार: मुंबई की बारिश आज कुछ ज़्यादा ही डरावनी थी। और इस बारिश में भीगता हुआ एक ऑटो पूरी रफ़्तार से भाग रहा था। ऑटो में बैठी थी अनन्या, एक निडर जर्नलिस्ट। उसके हाथ में एक पेन ड्राइव थी, जिसमें शहर के सबसे बड़े माफिया, विक्रम सिंह का कच्चा-चिट्ठा था। लेकिन मौत उसके ठीक पीछे थी।

अनन्या (ऑटो वाले से, चिल्लाते हुए): भैया, तेज़ चलाओ! वो लोग पीछे आ रहे हैं!

ऑटो वाला: मैडम, इससे तेज़ नहीं भगा सकता, सड़क पर पानी भरा है!

SFX: (पीछे से काली एसयूवी के हॉर्न की आवाज़ - HONK HONK, और टायरों की चीख - SCREECH)

कालिया (गुंडा, अपनी कार से चिल्लाते हुए): ओए! रोक ऑटो! वरना उड़ा दूंगा!

SFX: (गोली चलने की आवाज़ - DHISHKYAON!)

अनन्या: (चीखते हुए) आह्! भैया, मोड़ो! उस गली में मोड़ो!

(ऑटो मुड़ता है, लेकिन एक खम्भे से टकरा जाता है - CRASH!)

अनन्या: (कराहते हुए) उफ्फ! (लड़खड़ाते हुए ऑटो से निकलती है और भागने लगती है) मुझे यह सबूत पुलिस कमिश्नर तक पहुँचाना ही होगा।

(कालिया और उसके आदमी कार से उतरकर अनन्या को घेर लेते हैं।)

कालिया: (हंसते हुए) क्यों मैडम? बहुत शौक है ना सच छापने का? ला, वो पेन ड्राइव दे दे। आज तेरी आखिरी ब्रेकिंग न्यूज़ यही बनेगी—"पत्रकार की एक्सीडेंट में मौत।"

अनन्या: (पीछे हटते हुए, लेकिन हिम्मत से) मैं तुम्हें वो ड्राइव कभी नहीं दूंगी। सच को मार सकते हो, मिटा नहीं सकते!

कालिया: (चाकू निकालते हुए - SHING) तो फिर मर!

SFX: (अचानक पुलिस का सायरन सुनाई देता है - WEE-OO-WEE-OO)

गुंडा 2: भाई! पुलिस आ रही है! चलो यहाँ से!

कालिया: (अनन्या को घूरते हुए) आज बच गई। लेकिन कल का सूरज नहीं देख पाएगी।

(गुंडे भाग जाते हैं। अनन्या बारिश में भीगती हुई, कांपते हुए वहीं गिर पड़ती है।)

अनन्या (रोते हुए): पापा... मुझे डर लग रहा है। मुझे आपकी ज़रूरत है।


(SCENE 2: 'सिंघानिया मेंशन' - मास्टर बेडरूम)

SFX: (मेडिकल मॉनिटर की बीप - Beep... Beep..., ऑक्सीजन मशीन की आवाज़)

सूत्रधार: शहर के दूसरे कोने में, एक आलीशान महल में मौत दस्तक दे रही थी। 'सिंघानिया ग्रुप' के मालिक, विक्रमजीत सिंघानिया अपनी आखिरी सांसें गिन रहे थे। उनके पास खड़ा था उनका इकलौता बेटा, शौर्य सिंघानिया

शौर्य: (गुस्से और दर्द में) डैड! डॉक्टर्स क्या कर रहे हैं? मैं अमेरिका से बेस्ट टीम बुला रहा हूँ। आप ठीक हो जाएंगे। पैसे की कोई कमी नहीं है हमारे पास।

विक्रमजीत: (कमज़ोर आवाज़ में, खांसते हुए) पैसे से... पैसे से जिंदगी नहीं खरीदी जा सकती शौर्य। मेरा वक़्त आ गया है। लेकिन जाने से पहले... मुझे तुमसे एक वादा चाहिए।

शौर्य: (पिता का हाथ पकड़ते हुए) आप जो कहेंगे डैड। सब करूँगा।

विक्रमजीत: तुम्हें याद है... दिनानाथ? मेरे पुराने मैनेजर?

शौर्य: वो क्लर्क? जिसने कंपनी छोड़ दी थी? उसकी बात क्यों कर रहे हैं आप?

विक्रमजीत: वो क्लर्क नहीं... मेरा दोस्त था। उसने एक बार गोली खाकर मेरी जान बचाई थी। आज... आज उसकी बेटी, अनन्या, बहुत बड़ी मुसीबत में है। उसे माफिया से खतरा है।

शौर्य: तो? मैं अपनी सिक्योरिटी टीम भेज देता हूँ। 50 कमांडो लगा दूंगा उसकी हिफाज़त में।

विक्रमजीत: (ना में सिर हिलाते हुए) नहीं शौर्य। अनन्या बहुत स्वाभिमानी है। उसे अमीरों से नफरत है। अगर उसे पता चला कि 'सिंघानिया' मदद कर रहे हैं, तो वो मदद नहीं लेगी। और जान गंवा देगी।

शौर्य: तो मैं क्या करूँ?

विक्रमजीत: (शौर्य की आँखों में देखते हुए) तुम्हें... तुम्हें खुद जाना होगा। उसकी परछाई बनकर। उसकी ढाल बनकर।

शौर्य: (हैरान होकर) मैं? मैं जाऊँ?

विक्रमजीत: हाँ। लेकिन 'अरबपति शौर्य सिंघानिया' बनकर नहीं... एक साधारण बॉडीगार्ड बनकर। अपनी पहचान छुपाकर।

SFX: (नाटकीय संगीत - DHU-DHU)


(SCENE 3: इनकार और तकरार)

शौर्य: (झटके से हाथ छुड़ाते हुए) What? डैड, आप होश में तो हैं? मैं? शौर्य सिंघानिया? जिसके एक इशारे पर सरकारें हिल जाती हैं... मैं एक मामूली लड़की का बॉडीगार्ड बनूँ? वो भी नौकर बनकर? Impossible!

विक्रमजीत: (सांस उखड़ते हुए) यह मेरी... आखिरी ख्वाहिश है शौर्य। दिनानाथ का कर्ज़ है मुझ पर। अगर उसकी बेटी को कुछ हो गया... तो मेरी आत्मा को कभी शांति नहीं मिलेगी। कसम खाओ... कसम खाओ तुम उसकी रक्षा करोगे!

शौर्य: डैड, प्लीज! यह पागलपन है। मैं उसे खरीद सकता हूँ, उसकी सुरक्षा खरीद सकता हूँ, लेकिन मैं किसी के पीछे नहीं चल सकता!

विक्रमजीत: (हाथ बढ़ाते हुए, बहुत ही कमज़ोर आवाज़ में) कसम... खाओ... बेटा...

SFX: (मॉनिटर की बीप तेज़ हो जाती है - Beep-Beep-Beep... Beeeeeeeeeeeeep)

शौर्य: (चिल्लाते हुए) डैड! डैड! डॉक्टर!

सूत्रधार: विक्रमजीत का हाथ नीचे गिर गया। वो जा चुके थे। शौर्य सन्न रह गया। उसके पिता की खुली आँखें जैसे अब भी उसी वादे का इंतज़ार कर रही थीं।


(SCENE 4: शौर्य का फैसला - आईने के सामने)

SFX: (कांच टूटने की आवाज़ - CRASH!)

सूत्रधार: अंतिम संस्कार के बाद, शौर्य अपने कमरे में था। उसने गुस्से में व्हिस्की का गिलास दीवार पर दे मारा। वो अरबों का मालिक था, लेकिन आज अपने पिता के आखिरी वादे के सामने मजबूर था।

शौर्य (आईने में खुद को देखते हुए, गुस्से में): बॉडीगार्ड? मैं? (हंसते हुए) Ridiculous! मैंने आज तक अपनी कॉफ़ी खुद नहीं उठाई, और डैड चाहते हैं मैं उस लड़की के लिए गोलियां खाऊं? वो भी एक नौकर बनकर?

(फिर उसे अपने पिता के आखिरी शब्द याद आते हैं - "मेरी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।")

शौर्य: (आंसू पोंछते हुए) ठीक है डैड। आपकी आत्मा की शांति के लिए... मैं अपना 'ईगो' (Ego) मारने को तैयार हूँ। मैं उस अनन्या की जान बचाऊंगा। लेकिन...

(शौर्य अपनी महंगी 'रोलेक्स' घड़ी उतारकर टेबल पर पटकता है।)

शौर्य: लेकिन जिस दिन वो सुरक्षित हो गई... मैं अपनी असली दुनिया में लौट आऊंगा। कल सुबह 'शौर्य सिंघानिया' गायब हो जाएगा। और पैदा होगा... 'सूरज'। एक मामूली बॉडीगार्ड।

SFX: (ड्रामेटिक और एक्शन-पैक्ड म्यूजिक)

सूत्रधार: एक अरबपति ने अपनी सल्तनत छोड़कर एक रक्षक बनने का फैसला कर लिया था। लेकिन उसे नहीं पता था कि जिस लड़की को बचाने वो जा रहा है, वो गुंडों से ज़्यादा खतरनाक है—क्योंकि वो उसे 'आर्डर' देने वाली है!

Aage kya hoga? 👇
Agla Episode
Continue Reading
📋 Sab Episodes Agla

💬 Comments (0)

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

लॉगिन करें
पहली टिप्पणी करें! 🎉

खूनी सबूत और आखिरी कसम

How would you like to enjoy this episode?

📖 0 sec