Font Size
17px
Font
Background
Line Spacing
Episode 2 5 min read 17 0 FREE

इंटरव्यू का नाटक

F
Funtel
21 Mar 2026

(SCENE 1: शौर्य का पेंटहाउस - द मेकओवर)

SFX: (कपड़े फाड़ने की आवाज़ - Riiip, चीज़ें पटकने की आवाज़)

शौर्य: (गुस्से में चीखते हुए) मिश्रा! यह क्या कचरा पहनाया है मुझे? यह शर्ट... यह मेरी स्किन को काट रही है! यह क्या है?

मिश्रा जी (पीए): सर, यह 'पॉलिस्टर' है। आम आदमी यही पहनता है। अगर आप 'अरमानी' का सूट पहनकर जाएंगे, तो बॉडीगार्ड कम और दूल्हे ज्यादा लगेंगे।

शौर्य: (आईने में खुद को देखते हुए) उफ्फ! मेरे बाल देखो। जेल के बिना कितने अजीब लग रहे हैं। और यह जूते? इनमें से रबर की बदबू आ रही है।

मिश्रा जी: सर, प्लीज एडजस्ट कर लीजिये। याद रखिये, अब आप 'शौर्य सिंघानिया' नहीं, 'सूरज' हैं। एक गरीब, लाचार, नौकरी की तलाश में भटकता हुआ नौजवान।

शौर्य: (गहरी सांस लेते हुए) लाचार? हह! ठीक है। सूरज तैयार है। लेकिन याद रखना मिश्रा, अगर किसी ने मुझे इस हुलिये में देख लिया, तो मैं शहर छोड़ दूंगा। चलो, मेरी 'फरारी' निकालो।

मिश्रा जी: फरारी? नहीं सर। आपको बस (Bus) से जाना होगा।

शौर्य: (सन्न रह जाता है) बस? वो लोहे का डिब्बा जिसमें लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते हैं? No way!


(SCENE 2: अनन्या का घर - बाप-बेटी की बहस)

SFX: (किचन में बर्तन खटकने की आवाज़, अनन्या गुस्से में है)

अनन्या: नहीं पापा! मुझे कोई बॉडीगार्ड नहीं चाहिए। और वो भी आपकी पसंद का? बिलकुल नहीं। मुझे पता है आप किसी 60 साल के काका को ले आएंगे जो लाठी लेकर मेरे पीछे चलेंगे। लोग मुझ पर हंसेंगे!

दिनानाथ: बेटा, वो काका नहीं है। नौजवान लड़का है। मेरे एक पुराने दोस्त का बेटा है। गांव से आया है, बहुत मज़बूत है। उसे काम की ज़रूरत है और तुझे सुरक्षा की।

अनन्या: मुझे सुरक्षा की ज़रूरत नहीं है! मेरे पास मेरा 'पेपर स्प्रे' (Mirchi Spray) है।

दिनानाथ: (गंभीर होकर) और उस दिन जो हमला हुआ था? अगर वो गुंडा गोली चला देता तो? अनन्या, मेरी खातिर। बस एक बार उससे मिल लो। अगर पसंद न आए तो निकाल देना।

SFX: (दरवाज़े की घंटी - Tring-Tring)

दिनानाथ: लो, आ गया। (ज़ोर से) आ जाओ भाई! दरवाज़ा खुला है।


(SCENE 3: इंटरव्यू - एंट्री और एटीट्यूड)

SFX: (दरवाज़ा खुलने की आवाज़। भारी कदमों की आहट।)

सूत्रधार: दरवाज़ा खुला और 'सूरज' (शौर्य) अंदर आया। उसने एक सस्ती चेक वाली शर्ट और ढीली पैंट पहनी थी। लेकिन उसकी चाल... उसकी चाल अब भी किसी बादशाह जैसी थी। सीना चौड़ा, नज़रें सीधी।

शौर्य: (भारी आवाज़ में) नमस्ते। मैं सूरज हूँ।

अनन्या: (उसे ऊपर से नीचे तक स्कैन करती है) (मन में) हम्म... दिखता तो ठीक-ठाक है। बॉडी भी अच्छी है। लेकिन इसकी आँखों में... यह अकड़ क्यों है? जैसे मुझे ही नौकरी देने आया हो।

अनन्या: (कुर्सी पर बैठते हुए) नमस्ते। बैठ जाओ।

(शौर्य आदत से मजबूर होकर सोफे पर ऐसे बैठता है जैसे वो उसका अपना घर हो - पैर पर पैर चढ़ाकर, हाथ फैलाकर।)

अनन्या: (भौंहें चढ़ाते हुए) Excuse me? यह इंटरव्यू है, तुम्हारा ड्राइंग रूम नहीं। सीधे बैठो!

शौर्य: (हड़बड़ाकर सीधा होता है) अ... जी मैडम। आदत है... मतलब गाँव में खाट पर ऐसे ही बैठते हैं।

अनन्या: अच्छा? तो सूरज, तुम्हें बॉडीगार्ड का एक्सपीरियंस है?

शौर्य: (कॉन्फिडेंस से) एक्सपीरियंस? मैडम, मैंने कितनों को धोया है... मतलब, कितनों की रक्षा की है, गिनती नहीं है। मैं कराटे, जूडो और... (रुकते हुए) ...कुश्ती जानता हूँ।

अनन्या: सैलरी क्या लोगे?

शौर्य: (आदत से) 5 लाख...

अनन्या: (आँखें फाड़कर) क्या?

शौर्य: (संभलते हुए) ...5 लाख तो बहुत ज्यादा हैं। 5 हज़ार दे देना। और खाना-पीना।

अनन्या: (शक करते हुए) 5 हज़ार? इतना सस्ता? दाल में कुछ काला है। तुम कोई चोर-उचक्के तो नहीं हो?

शौर्य: (गुस्से में खड़ा हो जाता है) चोर? मैडम, जुबान संभालकर बात कीजिये। मैं सूरज हूँ, इज़्ज़तदार आदमी हूँ। मुझे आपकी नौकरी की ज़रूरत नहीं है!

(शौर्य मुड़कर जाने लगता है। उसका 'ईगो' हर्ट हो गया है।)


(SCENE 4: दिनानाथ का हस्तक्षेप - इमोशनल कार्ड)

दिनानाथ: अरे बेटा सूरज! रुक जाओ! (अनन्या को डांटते हुए) अनु! यह क्या तरीका है? यह विक्रमजीत साहब का भेजा हुआ आदमी है... मतलब, मेरे दोस्त का बेटा है।

शौर्य: (रुक जाता है) अंकल, आपकी इज़्ज़त करता हूँ इसलिए चुप हूँ। वरना इस लड़की को तो मैं...

अनन्या: (खड़ी होकर) क्या? क्या कर लोगे तुम? देखो पापा, इसमें कितना एटीट्यूड है। यह मेरा बॉडीगार्ड बनेगा? यह तो मुझसे लड़ने आया है। You are rejected! जा सकते हो।

दिनानाथ: (अपना सीना पकड़ते हुए, नाटक करते हुए) आह्! मेरा दिल! अनन्या... तू मेरी बात नहीं मानेगी? मुझे हार्ट अटैक आ जाएगा!

अनन्या: (घबराकर) पापा! ठीक है! ठीक है! शांत हो जाइये। (शौर्य की तरफ घूरते हुए) ठीक है मिस्टर सूरज। तुम रख लिए गए हो।

शौर्य: (मन में) थैंक गॉड! वरना इस ड्रामा क्वीन के साथ एक मिनट और रहना मुश्किल था।


(SCENE 5: शर्तें और नखरे)

अनन्या: लेकिन मेरी कुछ शर्तें हैं।

शौर्य: क्या?

अनन्या: 1. तुम हमेशा मुझसे 2 कदम पीछे चलोगे। 2. जब तक मैं न पूछूँ, अपना मुंह बंद रखोगे। 3. मेरी कार मैं खुद चलाऊंगी, तुम पीछे बैठोगे... नहीं, तुम आगे बैठोगे, लेकिन ड्राइवर के बगल में नहीं, ड्राइवर बनकर नहीं... उफ्फ! तुम बस चुपचाप बैठोगे! 4. और सबसे ज़रूरी... (एक भारी बैग उठाकर शौर्य की तरफ फेंकती है) ...यह मेरा कैमरा बैग है। इसे उठाओ। चलो, मुझे ऑफिस जाना है।

SFX: (बैग शौर्य के हाथ में आता है। बैग बहुत भारी है।)

शौर्य: (बैग के बोझ से झुकते हुए) अरे बाप रे! इसमें क्या है? पत्थर?

अनन्या: (आगे बढ़ते हुए) इसमें मेरी दुनिया है। कैमरा, लेंस, ट्राइपॉड। उठाओ और चलो। अगर गिराया, तो सैलरी से काट लूँगी।

शौर्य (मन में): (दांत पीसते हुए) सैलरी से काट लेगी? मेरी एक घड़ी की कीमत में तेरा पूरा ऑफिस आ जाएगा। बेटा शौर्य, फंस गया तू। यह लड़की बॉडीगार्ड नहीं, कुली ढूंढ रही थी।

शौर्य: (ज़ोर लगाकर) जी मैडम। चलिए।

SFX: (शौर्य भारी कदमों से बैग उठाकर चलता है - Thud Thud)

सूत्रधार: शौर्य सिंघानिया, 'एशिया का सबसे रईस बैचलर', अब एक भारी बैग टांगे, एक जिद्दी लड़की के पीछे-पीछे चल रहा था। उसका ईगो चोटिल था, कमर झुक रही थी, लेकिन कसम... कसम अभी भी कायम थी। लेकिन क्या शौर्य अनन्या की 'ऑल्टो' कार (छोटी कार) में फिट हो पाएगा?

Aage kya hoga? 👇
Agla Episode
Continue Reading
Pichla 📋 Sab Episodes Agla

💬 Comments (0)

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

लॉगिन करें
पहली टिप्पणी करें! 🎉

इंटरव्यू का नाटक

How would you like to enjoy this episode?

📖 0 sec