(SCENE 1: अनन्या की पुरानी मारुति 800/ऑल्टो कार - दोपहर)
SFX: (कार का इंजन खांस रहा है - Ghurr-Ghurr-Phutt, एसी के फैन की तेज़ और अजीब आवाज़ - Krrr-Krrr, हॉर्न)
सूत्रधार: शौर्य सिंघानिया, जिसके गैराज में लेम्बोर्गिनी और रोल्स रॉयस धूल खा रही थीं, आज अनन्या की खटारा कार की अगली सीट पर बैठा था। उसकी टांगें लंबी थीं और कार छोटी, इसलिए वो किसी फोल्डिंग चेयर की तरह सिकुड़ा हुआ था।
शौर्य: (कराहते हुए) आउच! उफ्फ! मैडम, क्या हम सीट थोड़ी पीछे कर सकते हैं? मेरे घुटने मेरे मुंह को छू रहे हैं।
अनन्या: (स्टेरिंग संभालते हुए) सीट पीछे नहीं होगी सूरज। पीछे मेरा कैमरा इक्विपमेंट रखा है। एडजस्ट करो। बॉडीगार्ड हो, योगा टीचर नहीं।
शौर्य: (पसीना पोंछते हुए) और यह एसी? यह हवा दे रहा है या धूल फेंक रहा है? मेरा दम घुट रहा है।
अनन्या: (खिड़की खोलते हुए) यह लो, नेचुरल हवा खाओ। तुम गाँव के हो ना? वहां तो एसी नहीं होता। नखरे मत दिखाओ।
शौर्य (मन में): (Voiceover) गाँव? मेरा बाथरूम इस कार से बड़ा है। और यह लड़की मुझे 'नेचुरल हवा' (धूल) खिला रही है। डैड, आपकी कसम मुझे बहुत भारी पड़ रही है!
(SCENE 2: 'पहलवान ढाबा' - लंच ब्रेक)
SFX: (ढाबे का शोर - ट्रक के हॉर्न, तवे की छनछनाहट, मक्खियों की भिनभिनाहट)
सूत्रधार: कार एक धूल भरे ढाबे पर रुकी। अनन्या फ्रेश होकर उतरी, लेकिन शौर्य कार से ऐसे निकला जैसे किसी दलदल में पैर रख रहा हो।
अनन्या: चलो सूरज! भूख लगी है। यहाँ की दाल-मखनी बहुत फेमस है।
शौर्य: (नाक पर रुमाल रखते हुए) मैडम, यहाँ? यहाँ तो कुत्ते भी खाना खाने से पहले दो बार सोचेंगे। हाइजीन (Hygiene) नाम की भी कोई चीज़ होती है।
अनन्या: (घूरते हुए) ओह हेलो! प्रिंस चार्ल्स! 5 हज़ार की नौकरी में 5-स्टार खाना नहीं मिलेगा। चुपचाप बैठो।
(वे एक खटिया (Charpai) पर बैठते हैं। वेटर पानी का जग और गंदे गिलास लाता है।)
वेटर: पानी साहब!
(शौर्य गिलास उठाता है। उसे गिलास के किनारे पर कुछ लगा हुआ दिखता है।)
शौर्य: (चीखते हुए) Eww! इस गिलास पर लिपस्टिक का निशान है! इसे धोया नहीं है क्या?
अनन्या: (शर्मिंदा होकर) धीरे बोलो! लोग देख रहे हैं। (वेटर से) भैया, दो कड़क चाय और दाल-रोटी लाओ।
शौर्य: मैं यह पानी नहीं पिऊंगा। मुझे 'इवियन' (Evian) या 'पेरियर' (Perrier) मिनरल वाटर चाहिए।
अनन्या: (सिर पीटते हुए) इवियन? वो क्या होता है? यहाँ बिसलेरी मिलती है, वो ले लो। और नखरे बंद करो वरना यहीं छोड़कर चली जाउंगी।
(SCENE 3: शौर्य की सीक्रेट कॉल - कॉफ़ी की तलब)
SFX: (अनन्या हाथ धोने नल की तरफ जाती है। शौर्य मौका देखकर अपना महँगा फ़ोन (छिपाकर) निकालता है।)
शौर्य: (धीरे से, फुसफुसाते हुए) मिश्रा! मिश्रा, मेरी लोकेशन ट्रैक करो। मैं एक 'पहलवान ढाबे' पर हूँ। मैं यहाँ मर जाऊंगा मिश्रा! यहाँ की चाय में दूध कम और पानी ज़्यादा है। मुझे मेरी 'ब्लैक कॉफ़ी' चाहिए। अभी! स्टारबक्स वाली!
मिश्रा जी (फ़ोन पर): सर, आप ढाबे पर हैं। वहां स्टारबक्स कैसे भिजवाऊं?
शौर्य: मुझे नहीं पता! भेस बदलो, हेलीकॉप्टर से कूदो, कुछ भी करो! लेकिन 10 मिनट में मुझे मेरी 'एसप्रेसो' चाहिए। वरना सबकी सैलरी काट लूँगा!
(अनन्या वापस आती है। शौर्य फ़ोन छिपा लेता है।)
(SCENE 4: द ग्रेट एक्सचेंज (अदला-बदली))
SFX: (वेटर चाय के गिलास मेज़ पर पटकता है - Thak। चाय छलक कर मेज़ पर गिरती है।)
वेटर: लो जी, कड़क चाय!
शौर्य: (चाय को घूरते हुए) इसका रंग... यह चाय है या गंदे नाले का पानी?
अनन्या: (सुड़कते हुए) आह! मस्त है। पियो सूरज, दिमाग खुल जाएगा।
शौर्य: (मन में) पिया तो पेट और दिमाग दोनों हमेशा के लिए खुल जाएंगे।
(तभी एक दूसरा वेटर (जो असल में मिश्रा जी हैं, फटे कपड़े और गमछा लपेटे हुए) वहां आता है।)
मिश्रा जी (वेटर के भेस में): अरे साहब जी! यह वाली चाय ठंडी हो गई है। मैं आपके लिए 'स्पेशल' वाली लाया हूँ।
(मिश्रा जी चतुराई से शौर्य के सामने वाला गिलास हटाते हैं और एक दूसरा 'स्टील का गिलास' रख देते हैं।)
शौर्य: (मिश्रा को पहचान लेता है, आँखों से इशारा करता है) Good job, Mishra.
अनन्या: (हैरान होकर) स्पेशल? मेरे लिए क्यों नहीं?
मिश्रा जी: मैडम जी, यह... यह 'मर्दों वाली' कड़क चाय है। आप नहीं पी पाएंगी। (शौर्य से) पी लीजिये साहब, एकदम 'विदेशी' स्वाद है।
(शौर्य स्टील के गिलास से एक घूंट भरता है। उसके चेहरे पर परम सुख आ जाता है।)
शौर्य: (आंखें बंद करके) आहा! Arabica beans, medium roast... (होश में आते हुए) मतलब... वाह! क्या कड़क चाय है! भैंस का दूध असली है!
अनन्या: (शक से देखती है) भैंस का दूध? मुझे सूंघने दो। (शौर्य के गिलास की तरफ झुकती है)
शौर्य: (घबराकर गिलास पीछे करता है) नहीं मैडम! झूठा है! आप... आप मेरी मालकिन हैं। मेरा झूठा पियेंगी तो पाप लगेगा।
अनन्या: (पीछे हटते हुए) अजीब आदमी हो। अभी तो नखरे दिखा रहे थे, अब सारी चाय गटक गए।
(SCENE 5: बिल का पंगा)
SFX: (खाने के बाद। अनन्या पर्स निकाल रही है।)
अनन्या: भैया, बिल कितना हुआ?
ढाबे वाला: 120 रुपये मैडम।
अनन्या: (पर्स चेक करते हुए) अरे! मेरे पास खुल्ले पैसे नहीं हैं। सिर्फ़ 2000 का नोट है। (शौर्य से) सूरज, तुम्हारे पास 100-50 होंगे? दे दो, मैं सैलरी में दे दूंगी।
शौर्य: (जेब टटोलते हुए) अ... मेरे पास... (अपना 'प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड' निकालने वाला होता है, फिर रुकता है)।
शौर्य (मन में): धत तेरे की! मेरे पास कैश नहीं होता। मैं तो कार्ड वाला हूँ।
शौर्य: मैडम, मेरे पास पैसे नहीं हैं। मैं गरीब हूँ ना।
अनन्या: (चिढ़कर) 5 हज़ार सैलरी मांगी थी, जेब में 100 रुपये भी नहीं रखते? उफ्फ! (ढाबे वाले से) भैया, पेटीएम (Paytm) है?
ढाबे वाला: नहीं मैडम। कैश ओनली।
शौर्य: (मिश्रा को इशारा करता है जो दूर खड़ा है। मिश्रा चुपके से आकर टेबल के नीचे 500 का नोट गिरा देता है।)
शौर्य: अरे मैडम! देखिये! आपके पैर के पास 500 का नोट पड़ा है। शायद आपकी जेब से गिर गया होगा।
अनन्या: (नोट उठाते हुए) अरे हाँ! थैंक गॉड। (बिल चुकाती है) चलो सूरज, देर हो रही है।
शौर्य: (कार की तरफ जाते हुए, धीरे से मिश्रा को) Thank you Mishra. You saved my life.
मिश्रा जी: (धीरे से) सर, वो कॉफ़ी का कप... 2000 रुपये का था। स्टील के गिलास में डालने पर मेरी आत्मा रो रही थी।
SFX: (कॉमेडी संगीत)
सूत्रधार: शौर्य ने अपनी 'कॉफ़ी' और 'डिग्निटी' दोनों बचा ली थीं। लेकिन उसे नहीं पता था कि अगली मुसीबत चाय की प्याली से कहीं बड़ी होने वाली है। क्योंकि अनन्या जिस 'स्टोरी' को कवर करने जा रही थी, वहां गुंडे लाठी नहीं... बंदूकें लेकर इंतज़ार कर रहे थे।
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