रुद्र और आरुषि — दो दुश्मनों की वो मोहब्बत जो मुंबई को जला देगी
मुंबई की दो सबसे बड़ी बिज़नेस फैमिलीज़ — **राठौड़** और **मेहता**। बीस साल से एक-दूसरे का खून पीने को तैयार। एक रात, एक चैरिटी गाला में, एक खूबसूरत लड़की की नज़रें एक रहस्यमयी अजनबी से टकराती हैं। न उसे पता है कि वो कौन है, न उसको। बस एक बात पक्की है — ये नज़रें एक-दूसरे को भुला नहीं पाएंगी। लेकिन जब **आरुषि राठौड़** और **रुद्र मेहता** को सच्चाई पता चलेगी — कि वो दो ऐसे खानदानों के वारिस हैं जो एक-दूसरे को जिंदा देखना भी पसंद नहीं करते — तब क्या होगा? क्या प्यार जीतेगा या बीस साल पुरानी दुश्मनी? ये कहानी है जुनून की, धोखे की, छुपे हुए राज़ों की, और एक ऐसी मोहब्बत की जो शहर के सबसे ताक़तवर लोगों के बीच खड़ी हो जाती है। बीस साल पहले हुए एक क़त्ल का राज़, एक बहन की चुप्पी, एक भाई का गुस्सा, और एक ऐसा तीसरा शख़्स जिसने दोनों खानदानों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया है — सब कुछ धीरे-धीरे खुलेगा। **१०० एपिसोड्स में एक ऐसी कहानी जो आपको हर रात सोने नहीं देगी।** हर एपिसोड के अंत में एक ऐसा मोड़ जो आपको अगला एपिसोड पढ़ने पर मजबूर कर देगा। क्या रुद्र अपने बाप के साम्राज्य के लिए आरुषि को छोड़ देगा? क्या आरुषि अपने भाई के खिलाफ खड़ी हो पाएगी? बीस साल पहले मरा कौन था? और सबसे बड़ा सवाल — दोनों खानदानों को आपस में लड़ाने वाला असली दुश्मन कौन है? पढ़िए — और भूल जाइए सोना।
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